
दिवाली में जंगल सफारी और जू दो दिन रहेंगे बंद, वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला

रायपुर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए रायपुर स्थित जंगल सफारी एवं जू को दो दिन पर्यटकों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, 10 और 11 नवंबर को जंगल सफारी में पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने यह फैसला सरकारी संपत्ति को संभावित नुकसान से बचाने और वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस संबंध में कार्यालय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, रायपुर की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, निर्धारित दोनों दिनों में जंगल सफारी एवं जू पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे।
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शराब के नशे में प्रधानपाठक पहुंचे स्कूल: शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन, तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रधानपाठक शराब के नशे में ही स्कूल पहुंच गए। मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।
शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधानपाठक
दरअसल, यह पूरा मामला दुर्गूकोंदल विकासखंड के मंगहूर प्राथमिक शाला का है। बताया जा रहा है कि यहां पदस्थ प्रधानपाठक अशोक बेलसरिया बुधवार को कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ बड़गांव पुलिस थाने में FIR दर्ज किया गया था।
शिक्षा विभाग ने जारी किया निलंबन आदेश
वहीं, मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की है। संयुक्त संचालक ने प्रधानपाठक अशोक बेलसरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में निलंबन का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
बता दें कि जिला कलेक्टर कुंदन कुमार लगातार जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दे रहे हैं। ऐसे में एक शासकीय स्कूल के प्रधानपाठक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिक्षा विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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तस्करों ने टीआई पर चढ़ाई कार, कचरे के ढेर से 2 करोड़ का गांजा बरामद

कांकेर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। मंगलवार देर रात केशकाल से कांकेर तक करीब 30 किलोमीटर तक पुलिस और गांजा तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज में पीछा चला। इस दौरान तस्करों ने केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा को कार से कुचलने की कोशिश की। कार उनके पैर को रगड़ते हुए निकल गई, जिससे उनके अंगूठे में गंभीर चोट आई। वहीं, तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे।
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा से गांजा लेकर आ रही एक फॉर्च्यूनर कार और उसके साथ चल रही पायलट गाड़ी टाटा वैक्सीन को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसी दौरान एक नेक्सॉन कार के चालक ने थाना प्रभारी रितेश मिश्रा पर गाड़ी चढ़ा दी। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और तस्कर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।
कचरे के ढेर में फेंक गए गांजे की बोरियां
पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने सिंगारभाट में राइस मिल के पास गड़िया पहाड़ के नीचे कचरे के ढेर में गांजे से भरी बोरियां फेंक दीं। इसके बाद दोनों वाहन अलग-अलग रास्तों से भाग निकले। घटना के बाद केशकाल पुलिस ने वापस लौट रही एक संदिग्ध गाड़ी को रोककर तलाशी ली। हालांकि, जांच में कुछ नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों की सूचना पर कांकेर पुलिस ने कचरे के ढेर से लावारिस हालत में पड़ी बोरियां बरामद कीं। जांच के दौरान बोरियों से 400 किलो से अधिक गांजा मिला। इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
तस्करी के लिए पुराने रास्तों का इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जारी होने के कारण ओडिशा से आने वाले तस्कर केशकाल-कांकेर के पुराने रास्तों को नए कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले भी केशकाल पुलिस ने 407 किलो गांजा जब्त किया था। लगातार हो रही बड़ी बरामदगी से इलाके में गांजा तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों और आरोपियों से जुड़े सुराग मिले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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UAPA मामले में तीन माओवादी दोषी करार, NIA की अदालत ने सुनाई 10-10 साल की सजा

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले में माओवादी गतिविधियों से जुड़े UAPA के एक मामले में विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। भानुप्रतापपुर स्थित विशेष न्यायाधीश NIA की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 3,500-3,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में अपर लोक अभियोजक टी.एस. यादव ने प्रभावी पैरवी की।
2023 में सर्च अभियान के दौरान पकड़े गए थे आरोपी
पूरा मामला 18 मई 2023 का है। पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की गतिविधियों की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने COB चिलपरस और ढूंट्टा से संयुक्त सर्च अभियान शुरू किया था।
सर्च अभियान के दौरान कागबरस, नयापारा और चिलपरस क्षेत्र में तलाशी लेते हुए सुरक्षा बल केसोकोड़ी की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी जंगल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे। सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम, रमेश पुनेम उर्फ बुधरू और पुनऊ राम मंडावी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, तीनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे और संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे।
वॉकी-टॉकी, माओवादी साहित्य और अन्य सामग्री हुए थे बरामद
तलाशी के दौरान उनके कब्जे से वॉकी-टॉकी सेट, माओवादी संगठन की चिट्ठियां, नक्सली साहित्य, नगदी, गुलेल, टॉर्च और चाकू सहित अन्य सामग्री बरामद की गई थी। वहीं आरोपियों को पकड़ने के दौरान पुलिस पार्टी पर हमला भी किया गया था, जिसमें एक जवान के दाहिने हाथ में चोट आई थी।
UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में थाना कोयलीबेड़ा में अपराध क्रमांक 08/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतागढ़ एसडीओपी अमर सिदार को विवेचना अधिकारी नियुक्त किया गया।
विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अपर लोक अभियोजक टी.एस. यादव ने मौखिक, दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की।
तीनों को 10-10 साल का सश्रम कारावास
सभी साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश NIA भानुप्रतापपुर दीपक के. गुप्ता की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,500-3,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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दादी ने रात में बाहर घूमने से रोका तो पोते ने खाट के पाए से पीट-पीटकर की हत्या, फिर शव के पास बैठा रहा आरोपी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां गलत संगत से बचाने और रात में बाहर घूमने से रोकने पर एक पोते ने अपनी 65 वर्षीय दादी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने खाट के पाए से दादी पर ताबड़तोड़ वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी कमरे में दादी के शव के पास बैठा रहा और खुद फोन कर अपने पिता व रिश्तेदार को वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लोहर्सी का है।
पुलिस के अनुसार, पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लोहर्सी के सतनामीपारा निवासी नरबदा कोशले अपने पोते मृत्युंजय उर्फ बब्बू कोशले के साथ रहती थीं। नरबदा के पति तिरिथराम का निधन हो चुका है। वहीं, उनका बेटा साजन कोशले परिवार के साथ रोजी-रोटी कमाने के लिए उंटी गया हुआ था। ऐसे में घर में दादी और पोता ही रहते थे।
बताया जा रहा है कि माता-पिता के बाहर रहने के दौरान बब्बू देर रात तक घर से बाहर घूमता रहता था। उसकी इस आदत को लेकर दादी अक्सर उसे समझाती थीं और रात में बाहर जाने से मना करती थीं। दादी को चिंता थी कि कहीं उनका पोता गलत संगत में न पड़ जाए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था।
बीती रात भी दादी ने उसे देर रात बाहर जाने से रोका। रोज-रोज की रोक-टोक से नाराज बब्बू ने आपा खो दिया और घर में रखे खाट के पाए से दादी पर हमला कर दिया। उसने बुजुर्ग महिला के सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद दादी के शव के पास बैठा रहा आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। उसने दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया और दादी के शव के पास ही बैठा रहा। इसके बाद उसने अपने पिता साजन कोशले और दादी के भाई भगवत महिलांगे को फोन किया। फोन पर उसने साफ तौर पर बताया कि उसने दादी की हत्या कर दी है। उसने हत्या की वजह भी बताई और कहा कि दादी उसे रोज रात में बाहर जाने से रोकती थी।
पोते का फोन आने के बाद भगवत महिलांगे तत्काल मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। कमरे में उनकी बहन नरबदा कोशले का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस और डायल 112 को सूचना दी।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पचपेड़ी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी ने दरवाजा खोला और खुद बाहर आकर पुलिस वाहन में बैठ गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी मृत्युंजय उर्फ बब्बू कोशले को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पारिवारिक विवाद और हत्या के पीछे के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।




