
हाथी का आतंक: चाचा को कुचलकर उतारा मौत के घाट, भतीजे ने ट्रक के नीचे छिपकर बचाई जान

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बार फिर हाथी का आतंक देखने को मिला है। जंगली हाथी ने बाइक सवार चाचा-भतीजे पर हमला कर दिया। इस दर्दनाक घटना में चाचा की मौत हो गई, जबकि भतीजे ने ट्रक के नीचे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, घटना कल्याणपुर क्षेत्र के अखोरा रोड स्थित फुलझर नदी के पास की है। बताया जा रहा है कि चाचा और भतीजा बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका सामना जंगली हाथी से हो गया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में चाचा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भतीजे ने किसी तरह मौके से भागकर पास में खड़े एक ट्रक के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई।
कबरा कान वाले हाथी का आतंक जारी
बताया जा रहा है कि हमला करने वाला हाथी कबरा कान वाला है, जो लंबे समय से सूरजपुर वन परिक्षेत्र में आतंक का पर्याय बना हुआ है। इस हाथी के हमले में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत माहौल है। वहीं हाथी के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है।
……………..
युवक पर एसिड से हमला करने वाली महिला गिरफ्तार, साथ में धरा गया बिना वैध दस्तावेज एसिड बेचने वाला दुकानदार

जांजगीर। युवक पर एसिड फेंककर हमला करने के मामले में थाना चांपा पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, बिना वैध दस्तावेज एसिड बेचने के मामले में दुकानदार मोहम्मद हुसैन बोहरा, उम्र 70 वर्ष, निवासी सदर बाजार, चांपा को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना चांपा थाना क्षेत्र की है।
मामले का विवरण: प्रार्थी ने 28 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि महिला से प्रेम संबंध के दौरान विवाद होने पर उसने उसके ऊपर एसिड फेंक दिया, जिससे उसके दाहिने हाथ, भुजा एवं कलाई में जलने की चोटें आईं। पुलिस ने अपराध क्रमांक 585/26 के तहत धारा 124(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में सामने आया कि महिला ने शौचालय की सफाई के लिए दुकान से एसिड खरीदा था। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर दुकानदार के विरुद्ध धारा 287 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई।
………………..
कपड़ा शोरूम में युवती की संदिग्ध मौत, फांसी पर लटकी मिली लाश, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका

जगदलपुर. कोतवाली थाना इलाके के बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा शोरूम में काम करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. युवती का शव शोरूम की छत पर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला. मृतका की पहचान दीपा सागर के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों ने कई सवाल खड़े करते हुए मौत को संदिग्ध बताया है.
परिजनों का आरोप है कि युवती के लापता होने के बाद उन्होंने काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन उन्हें समय पर न तो सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई. वहीं परिजन युवती के शरीर पर चोट और नाखून के निशान होने की बात कहते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं. इधर पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
शोरूम में 21 अक्टूबर से कर रही थी काम
परिजनों के मुताबिक दीपा 21 अक्टूबर से शोरूम में काम करने आ रही थी. घटना से एक दिन पहले शाम करीब 6 बजे से उसका कोई पता नहीं चल रहा था. परिजनों का कहना है कि जब देर रात तक दीपा घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोग उसे तलाशने शोरूम पहुंचे. लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बाद भी उन्हें दीपा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. परिजनों ने शोरूमप्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं.
परिजनों ने कहा- शरीर पर मिले चोट और नाखून के निशान
परिजनों का यह भी आरोप है कि दीपा की तलाश के दौरान शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल नहीं दिखाई गई. परिवार का कहना है कि बाद में उन्हें युवती का शव दिखाया गया, जिसके बाद उन्होंने शरीर पर चोट और नाखून के निशान होने की बात कही. इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
तफ्तीश में जुटी पुलिस
इधर मामले में कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे युवती की मौत की सूचना मिली थी. इसके बाद एफएसएल और फोटोग्राफर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए गए. शव को पोस्टमार्टम के लिए डिमरापाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
…………………
बस्तर से फिर शुरू हुआ यात्री ट्रेनों का परिचालन, केके रेल लाइन पर लैंड स्लाइड के बाद किया गया था रद्द…

जगदलपुर। 38 दिनों बाद आखिरकार बस्तर में यात्री ट्रेन सेवा को फिर से बहाल किया गया है. केके रेललाइन पर लैंड स्लाइड की घटना हुई थी, जिसके बाद 3 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और 2 ट्रेनों को रद्द किया गया था.
शॉर्ट टर्मिनेट की गई किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर, जगदलपुर से भुवनेश्वर के बीच चलने वाली हीराखंड एक्सप्रेस और जगदलपुर से हावड़ा के बीच चलने वाली समलेश्वरी एक्सप्रेस को बहाल किया गया है. इसके साथ रद्द की गई दो ट्रेनों जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस और किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को जल्द शुरू किए जाने की संभावना है.
000000000000000000
डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 32 लाख रुपए की साइबर ठगी, आरोपियों को पुलिस ने इंदौर से किया गिरफ्तार…

जांजगीर। डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 32 लाख के साइबर ठगी मामले में जांजगीर सायबर थाना ने इंदौर से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने मनीलॉड्रिंग के नाम पर सीबीआई का डर दिखाकर पीड़ितों को 24 घंटे से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा था. इसी तरह के मामले में पुलिस ने पंजाब से एक आरोपी की गिरफ्तारी की थी. पूरे वाकये में बड़ी बात यह है कि आरोपियों की उम्र महज 21 और 24 साल है.
प्रार्थी तुषारकर देवांगन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर सायबर ठगी के आरोपी विजय खन्ना, टेलीकॉम अथॉरिटी अधिकारी बनकर प्रार्थी के मोबाइल नंबर को मनीलॉड्रिंग के केश में उपयोग होना बताया और कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज होना बताया, जिसके बाद CBI अधिकारी बनकर फोन आया जिसे रिसीव करने पर मनीलॉड्रिंग के केश में डिजिटल अरेस्ट करना बताए.
प्रार्थी बुजुर्ग व्यक्ति थे, जिस कारण से डर गए एवं इसी डर का फायदा उठाकर प्रार्थी से 32 लाख रुए की ठगी पुलिस से सेटिंग करने के नाम पर किया गया. कुछ दिन में सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने से प्रार्थी ने अपने घर वाले को बताया, जिससे ठगी का एहसास हुआ. पीड़ित की रिपोर्ट पर धारा 318(4) 3(5) बीएन.एस. 66डी आई.टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया.
विवेचना के दौरान जिन खातों में पैसा गया है उनका पता किया गया जो स्लाइस स्मॉल फाइनेंश बैंक द्वारा खाता नंबर में पैसा जाना पाया गया. अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस टीम गठित कर इंदौर रवाना किया गया, जहां आरोपी सौम्य जैसवार पिता राजेश (21 वर्ष) निवासी प्रजापत नगर और देवराज अमकरे पिता रघुवीर (24 वर्ष) निवासी गुरु शंकर नगर, इंदौर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया.
आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद आरोपियों को विधिवत गिरफ्तारी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, PSI रुकसाना बनो , प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, HC विवेक सिंह, गिरीश कश्यप का महत्वपूर्ण योगदान रहा.




