
चक्रवात अर्नब ने बिगाड़ा छत्तीसगढ़ का मौसम, कई इलाकों में अलर्ट जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में लगातार बारिश हुई। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हुआ।
मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को बस्तर संभाग में 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा भी हो सकती है।
लगातार बारिश के चलते लोगों ने एक बार फिर रेनकोट और छतरियां निकाल ली हैं। मौसम में ठंडक बढ़ने के कारण दिन के समय भी तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद शुक्रवार से न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब दो से तीन डिग्री अधिक बताया जा रहा है।
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नशीली गोलियों के साथ पकड़ाए 3 तस्कर: बेचने के लिए कर रहे थे ग्राहक की तलाश

बालोद। छत्तीसगढ़ की बालोद पुलिस और ANTF की टीम ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने तीन तस्करों को 6 लाख रुपए के नशीली दवाई के साथ पकड़ा है, जो दवाई को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। यह पूरा मामला बालोद थाना क्षेत्र का है।
मुखबिर की सूचना पर टीम ने दी दबिश
बता दें कि जिले में SP किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना और SDOP विनय साहू के मार्गदर्शन में अवैध गतिविधियों के साथ नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में 27 अक्टूबर को थाना बालोद में पदस्थ निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा को मुखबिर से सूचना मिली कि तांदुला नदी किनारे रामघाट मंदिर के पास कुछ व्यक्ति बाइक और स्कूटी में नशीली दवाइयां रखकर उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं, जिसके बाद पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।
नशीली टैबलेट के साथ तीन गिरफ्तार
इस दौरान मौके से तीन आरोपियों नवीन चावला, आशीष निर्मलकर और किशन बहादुर उर्फ नेपाली को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 1,500 टैबलेट Nitrosun-10 (Nitrazepam Tablets IP) बरामद किया गया, जिसकी कीमत 6 लाख रुपए आंकी गई। इसी के साथ ही उनके पास से नगदी रकम, दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नशीली गोलियों को वह ओडिशा के भुबनेश्वर से ला रहे थे।
एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध
मामले में थाना बालोद में अपराध क्रमांक 0574/2026, धारा 22(ग) एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मामले में आरोपियों की भूमिका और जब्त सामग्री के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति स्वयं जागरूक रहें और युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें।
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कोदो की नरई चरने से 3 गायों की मौत, 40 बीमार

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कोदो की फसल कटाई के बाद खेतों में बची नरई चरने से करीब 40 गायों के बीमार होने की खबर सामने आई है। इतना ही नहीं इनमें से 3 गायों की मौत भी हो गई है। घटना के बाद पशुपालकों में चिंता और नाराजगी का माहौल है।
40 बिमार गायों में 3 की मौत
यह पूरा मामला सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत अंतर्गत सूरजपुरा जंगल और पिरचाटोला का है। बताया जा रहा है कि कोदो फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरई को चरने से सभी 40 गाय बिमार पड़ गई और तीन की मौत भी हो गई, जिससे हड़कंप मच गया।
सूचना के 12 घंटे बाद भी इलाज नहीं मिलने का आरोप
पशुपालकों का आरोप है कि मवेशियों के बीमार होने की सूचना पशु चिकित्सा विभाग को देने के करीब 12 घंटे बाद भी समुचित उपचार की व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, मौके पर केवल दो गौ सेवकों को भेजा गया, लेकिन उनके पास आवश्यक दवाइयां नहीं थीं। ऐसे में बीमार मवेशियों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने को लेकर पशुपालकों ने नाराजगी जताई है।
गायों की मौत के कारणों की पुष्टि बाकी
गायों की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कोदो की नरई चरने और मवेशियों के बीमार होने के बीच संबंध की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल मामले में पशु चिकित्सा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि विभाग की ओर से बीमार मवेशियों के उपचार और गायों की मौत के कारणों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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रेत के अवैध परिवहन पर कोर्ट का सख्त रुख, आरोपी को 3 साल की सजा

बिलासपुर। रेत के अवैध परिवहन के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और कुल 26 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण की रोकथाम के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यह प्रकरण दर्ज किया गया था।
खनिज शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, 17 जून 2025 को ग्राम नगोई घाट स्थित अरपा नदी से ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक सीजी 10 बीई 7869 में रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर आरोपी कुंवर सिंह कंवर, पिता सम्मार सिंह, निवासी सल्का, थाना कोटा के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था। कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस चौकी बेलगहना की अभिरक्षा में रखा गया था।
प्रकरण की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, जिला बिलासपुर ने 28 अक्टूबर 2026 को निर्णय पारित किया। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) सहपठित धारा 3(5) के अंतर्गत तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के अंतर्गत 25 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 15 जून 2025 को खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 66 प्रकरणों में कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकण्डा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा एवं हिर्री थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें से एक प्रकरण में यह निर्णय आया है। इस कार्रवाई से अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों को कड़ा संदेश मिला है।
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अर्नब चक्रवात का असर : रायपुर जिले में कल स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों के साथ कॉलेजों में 29 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर जारी मौसम चेतावनियों के बाद जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है। जिले में संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
कलेक्टर ने जारी किया आदेश
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अवकाश के संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, जिले की भौगोलिक सीमा में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में गुरुवार, 29 अक्टूबर को विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय अवकाश रहेगा।
खराब मौसम को देखते हुए एहतियाती कदम
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से जिले में बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जिला प्रशासन का उद्देश्य संभावित खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।




