
रायपुर पुलिस में फेरबदल: 29 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर, कुछ लाइन अटैच

रायपुर। राजधानी के पुलिस कमिश्नरेट में गुरुवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने 29 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। नए आदेश से शहर के कई थानों, महिला थाना, यातायात विभाग, कंट्रोल रूम, महिला पेट्रोलिंग और पुलिस सहायता केंद्र में तैनाती का समीकरण बदला है।
इस फेरबदल में सहायक उपनिरीक्षक से लेकर प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मी शामिल हैं। रक्षित केंद्र में पदस्थ कई कर्मचारियों को थानों में भेजा गया है, जबकि कुछ कर्मचारियों को थानों से यातायात, कंट्रोल रूम और अन्य इकाइयों में स्थानांतरित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेगा।
यातायात विभाग में बढ़ाई गई तैनाती
पदस्थापना आदेश में यातायात विभाग को भी प्रमुखता दी गई है। रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक मनीष तिवारी को यातायात पुलिस कमिश्नरेट में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक अभय कुमार गणोरकर को खम्हारडीह थाने से यातायात विभाग भेजा गया है। प्रधान आरक्षक सियाराम धुर्वे को गुढ़ियारी थाने से रामनगर चौकी और आरक्षक अजय कुमार लकड़ा को रक्षित केंद्र से यातायात विभाग में तैनात किया गया है।
महिला थाना और पिंक गश्त में बदली जिम्मेदारी
महिला सुरक्षा से जुड़ी इकाइयों में भी बदलाव किया गया है। खमतराई थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत को महिला थाना भेजा गया है। महिला पेट्रोलिंग पिंक गश्त में कार्यरत सहायक उपनिरीक्षक स्वलेहा शेख को आमानाका थाने में पदस्थ किया गया है, जबकि आमानाका थाने की सहायक उपनिरीक्षक सरिता यादव को रक्षित केंद्र की महिला पेट्रोलिंग पिंक गश्त में भेजा गया है।
लेखा अग्रवाल को सिविल लाइन भेजा
रक्षित केंद्र में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक लेखा अग्रवाल को सिविल लाइन थाना, कोतवाली की महिला प्रधान आरक्षक प्रीति वर्मा को महिला थाना और महिला थाना की महिला प्रधान आरक्षक प्रमीला कुंजाम को कोतवाली भेजा गया है। रक्षित केंद्र की महिला आरक्षक डिगेश्वरी ध्रुव को महिला थाना तथा डीडी नगर में पदस्थ महिला आरक्षक सरस्वती सिन्हा को कंट्रोल रूम में नई जिम्मेदारी दी गई है।
डीडी नगर, टिकरापारा और तेलीबांधा में नई तैनाती
थानों के स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। रक्षित केंद्र में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक नागेंद्र कुमार सिंह को खमतराई थाना और सरस्वती नगर थाने के सहायक उपनिरीक्षक ऑस्कर केरकेट्टा को रक्षित केंद्र भेजा गया है। डीडी नगर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक राधेलाल साहू को रक्षित केंद्र में पदस्थ किया गया है।
टिकरापारा, तेलीबांधा में भी बदलाव
प्रधान आरक्षक रामनारायण पटेल को टिकरापारा से तेलीबांधा थाना, महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू को सिविल लाइन से टिकरापारा और प्रधान आरक्षक खेमराज वर्मा को सिविल लाइन थाने से रक्षित केंद्र स्थित एसीपी सिविल लाइन कार्यालय भेजा गया है। रक्षित केंद्र के आरक्षक दानेश्वर वर्मा और एकेश्वर वर्मा को डीडी नगर थाने में पदस्थ किया गया है। टिकरापारा के आरक्षक प्रमोद सिंह चंदेल को राजेंद्र नगर थाना भेजा गया है।
रक्षित केंद्र से थानों में पहुंचे आरक्षक
रक्षित केंद्र में पदस्थ महिला आरक्षक बबीता बांधे को तेलीबांधा, आरक्षक विकास तिवारी को गंज और आरक्षक प्रशांत कुमार साहू को कबीर नगर थाने में पदस्थ किया गया है। कोतवाली थाने के आरक्षक डोमार सिंह देव को आमानाका भेजा गया है। कंट्रोल रूम में पदस्थ महिला आरक्षक अनिता द्विवेदी को टिकरापारा थाने में नई तैनाती दी गई है। इसके अलावा टिकरापारा थाना अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र कमल विहार में कार्यरत आरक्षक कमलेश दीवान को रक्षित केंद्र भेजा गया है, जबकि रक्षित केंद्र के आरक्षक तुकेश्वर कुमार सिन्हा को पुलिस सहायता केंद्र कमल विहार में पदस्थ किया गया है।
एक स्थानांतरण आदेश निरस्त
आदेश में प्रधान आरक्षक कामता प्रसाद जांगड़े के पहले जारी स्थानांतरण को भी निरस्त किया गया है। उन्हें डीडी नगर थाने में भेजने का पूर्व आदेश रद कर महिला थाने में यथावत रखा गया है। इस तरह नए आदेश में नई पदस्थापनाओं के साथ पूर्व आदेश में संशोधन भी किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला की ओर से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी।
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25 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में पटवारी निलंबित, कलेक्टर ने की कार्रवाई

बिलासपुर। शासकीय राजस्व कार्य के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में तहसीलदार पचपेड़ी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पूर्व में पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे और वर्तमान में तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में कार्यरत थे। तहसीलदार पचपेड़ी ने 28 अक्टूबर को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। आदेश में पटवारी के कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत एवं गंभीर कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए शासन की छवि धूमिल करने वाला बताया गया है।
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
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करण राठौर हत्याकांड : न्यायालय ने सुनाया बड़ा फैसला, 7 आरोपियों को उम्रकैद

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में चर्चित करण राठौर हत्याकांड मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही बलवा के अपराध में सभी दोषियों को 2-2 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। न्यायालय ने दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बता दें कि 5 सितंबर 2025 को पुरानी रंजिश को लेकर मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने करण राठौर की हत्या की गई थी। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। मामले की सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
हत्याकांड में रितिक मिश्रा, सचिन जैन और राशिद खान सहित कुल सात आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा बलवा के मामले में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
न्यायालय ने मृतक करण राठौर के माता-पिता को 10 हजार रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है। वहीं, आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है।
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धान की फसल पर कुदरत का कहर : लोकगीत गाकर किसानों ने बयां किया दर्द, सरकार से मुआवजे की लगाई गुहार

कवर्धा। दीपावली की खुशियों के बीच छत्तीसगढ़ के किसानों के घरों में मातम जैसा माहौल है। जिस धान की फसल को किसान अपनी मेहनत और पसीने से सींचकर तैयार कर रहे थे, उसी फसल पर बेमौसम बारिश और अंधड़ ने कहर बरपा दिया। अर्नब चक्रवात के चलते खेतों में लहलहाती फसल बर्बादी की भेंट चढ़ गई। किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण से लेकर बच्चों की शादी-ब्याह तक की चिंता खड़ी हो गई है। कवर्धा में किसानों ने अपनी पीड़ा बयां करने के लिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का सहारा लिया। तबला, ढोलक और हारमोनियम की धुन पर गीत गाकर किसानों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है।
किसान सालभर खेतों में दिन-रात मेहनत करता है, इस उम्मीद में कि फसल बिकेगी तो घर में खुशहाली आएगी। बच्चों की पढ़ाई, बेटे-बेटियों की शादी और परिवार की जरूरतें पूरी होंगी, लेकिन कुदरत की मार ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी धान और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग
अपनी व्यथा शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए किसानों ने अनोखा तरीका अपनाया। लोकगीतों के जरिए तबला, ढोलक और हारमोनियम की संगत में अपनी पीड़ा सुनाई। किसानों की मांग है कि फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों को सरकार से उम्मीद
दीपावली के त्योहार से पहले फसल बर्बाद होने से किसानों की खुशियां भी संकट में हैं। जिन घरों में दीप जलने थे, वहां अब नुकसान की चिंता सता रही है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी पुकार सुनेगी और उन्हें राहत देकर इस मुश्किल घड़ी में सहारा देगी।
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13 साल की मासूम से सामूहिक दुष्कर्म: एक नाबालिग समेत 3 गिरफ्तार

बालोद। बालोद जिले से 13 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग समेत तीन आरोपी बच्ची को डरा धमकाकर एक घर में ले गए और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेन खरीदने निकली थी बच्ची, रात में मिली बेहोश-
यह पूरा मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के एक गांव का है। शिकायत के अनुसार, 13 वर्षीय पीड़िता गांव के विद्यालय में कक्षा आठवीं की छात्रा है। 14 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह पेन खरीदने के लिए दुकान जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रात 8 बजे तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
रिश्तेदार के घर बेहोश मिली नाबालिग
इसी बीच रात करीब 11 बजे परिवार को सूचना मिली कि बच्ची गांव के कुछ युवकों द्वारा एक रिश्तेदार के घर बेहोशी की हालत में लाई गई है। परिजन वहां पहुंचे तो बच्ची बेहोश मिली। उसे तत्काल गुंडरदेही अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अगले दिन घर वापस लाया गया।
डरी-सहमी रही बच्ची, 12 दिन बाद बताई आपबीती
परिजनों के अनुसार, घर लौटने के बाद से बच्ची चुपचाप और डरी-सहमी रहने लगी थी। मां ने जब उससे पूछताछ की तो 26 अक्टूबर को उसने घटना के बारे में बताया। बच्ची ने आरोप लगाया कि गांव के दो युवक उसे डराकर एक घर में ले गए थे। वहां तीसरे युवक को बुलाया गया। आरोप है कि उसे घर की पहली मंजिल पर स्थित कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया गया और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए गए।
डर से बेहोश हुई नाबालिग
पीड़िता ने बताया कि आरोपितों की धमकी से वह डर गई थी। घटना के बाद घबराहट के कारण वह बेहोश हो गई। कुछ समय बाद होश आने पर वह किसी तरह घर से बाहर निकली, लेकिन रास्ते में दोबारा बेहोश हो गई। इसके बाद गांव के कुछ लोग उसे एक परिचित के घर ले गए। पीड़िता की मां 27 अक्टूबर को परिजनों और गांव के प्रतिनिधियों के साथ रनचिरई थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामला दर्ज कर आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन नामजद युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(1), 70(2), 137(2), 127(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) और 6 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।




