रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद के मामले में पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, विधायक कॉलोनी निर्माण परियोजना के लिए सोमवार को प्रशासन ने नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
पुलिस के मुताबिक, विरोध के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा पहुंचाई, बुलडोजर में तोड़फोड़ की और मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। घटना के बाद माना थाना में अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो, फोटो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विधायक कॉलोनी परियोजना के तहत प्रशासन ने नकटी गांव में करीब 80 मकानों को हटाया है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत निर्मित लगभग 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद ग्रामीणों के विरोध के चलते तनाव की स्थिति बनी रही।
कार्रवाई के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने मौके के पास धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि संयुक्त परिवारों के वर्षों से निवास करने के बावजूद पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक परिवार को केवल एक आवास देने का प्रावधान किया जा रहा है, जिससे वे असंतुष्ट हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, पात्र विस्थापित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में नियमानुसार स्थानांतरित किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
