धमतरी में पीएम-राहत योजना बनी हादसा पीड़ितों का सहारा, 31 मामलों में 13 को मिला मुफ्त इलाज; 7 दिन तक ₹1.50 लाख की सुविधा

धमतरी। संवाददाता: सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी गोल्डन ऑवर में त्वरित और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धमतरी जिले में पीएम-राहत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचते ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आर्थिक परेशानी या कागजी औपचारिकता के कारण इलाज में देरी न हो।
31 सड़क दुर्घटना मामलों में 13 पीड़ितों को लाभ
धमतरी जिले में अब तक 31 सड़क दुर्घटना प्रकरणों में पीएम-राहत योजना के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें 13 दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ मिला है।
इनमें गंभीर रूप से घायल मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाकर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
7 दिन तक ₹1.50 लाख तक मुफ्त इलाज
5 मई 2025 से लागू इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होने के दिन से अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय में घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराकर गंभीर स्थिति में जीवन बचाने की संभावना बढ़ाना है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में सुविधा
धमतरी जिले के सभी संबंधित शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में योजना के क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है। इनमें:
- जिला अस्पताल
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी)
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी)
शामिल हैं।
इसके अलावा जिले के 20 निजी अस्पताल भी योजना से जुड़े हैं। इनमें 19 अस्पताल आयुष्मान भारत के तहत इम्पैनल्ड हैं, जबकि एक निजी अस्पताल पीएम-राहत योजना के तहत विशेष रूप से इम्पैनल्ड है।
इस नेटवर्क के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को उनके नजदीकी उपलब्ध स्वास्थ्य संस्थान में जल्द उपचार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्टर बोले- हर मिनट महत्वपूर्ण
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशासन का प्रयास है कि आर्थिक कारणों या औपचारिकताओं के चलते किसी दुर्घटना पीड़ित को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अस्पतालों को योजना के प्रावधानों के अनुसार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने तथा दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
गोल्डन ऑवर में इलाज से बच सकती हैं कई जानें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कौशिक ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर उचित उपचार नहीं मिलना गंभीर स्थिति और मृत्यु का एक कारण हो सकता है।
उनके अनुसार, पीएम-राहत योजना दुर्घटना के बाद शुरुआती महत्वपूर्ण समय में उपचार की बाधाओं को दूर करने में मदद करती है। गोल्डन ऑवर में त्वरित और निःशुल्क उपचार मिलने से मरीज की स्थिति बिगड़ने से रोकने और जीवन बचाने की संभावना बढ़ सकती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें।
नागरिकों के लिए जरूरी सूचना
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र अथवा पीएम-राहत योजना से संबद्ध अस्पताल पहुंचाने की अपील की गई है।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवश्यक सहायता के लिए नागरिक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, धमतरी से संपर्क कर सकते हैं।




