रायपुर। संवाददाता: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGAU) में बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के सेकेंड सेमेस्टर की कीट विज्ञान (Entomology) परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया है।
20 अगस्त 2026 को हुई परीक्षा के कुछ घंटे बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मामला आया। बताया गया कि परीक्षा से पहले WhatsApp पर एक गेस पेपर वायरल हो रहा था और उसके करीब 70 प्रतिशत सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे।
विश्वविद्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। साथ ही पुलिस से मामले की जांच कराने की बात कही गई है।
WhatsApp पर वायरल हुआ था गेस पेपर
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक के मुताबिक, WhatsApp पर एक प्रश्नपत्र वायरल हो रहा था। हालांकि, विश्वविद्यालय का कहना है कि यह असली प्रश्नपत्र नहीं था, बल्कि किसी ने इसे गेस पेपर के रूप में तैयार किया था।
लेकिन परीक्षा के बाद जब इस गेस पेपर की सामग्री की तुलना वास्तविक प्रश्नपत्र से की गई तो करीब 70 प्रतिशत कंटेंट मैच होने की बात सामने आई।
इसी के बाद परीक्षा में पेपर लीक की आशंका को लेकर सवाल उठे।
20 अगस्त को हुई थी परीक्षा
बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के सेकेंड सेमेस्टर की AENT-221 परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी।
छत्तीसगढ़ के 34 कॉलेजों में परीक्षा आयोजित हुई। इसमें करीब 500 छात्र शामिल हुए। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित था।
रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र सुबह करीब 9:30 बजे खोला गया, जिसके बाद 10 बजे परीक्षा शुरू हुई।
छात्रों ने परीक्षा पूरी की, लेकिन दोपहर में मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब NSUI से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
NSUI ने की परीक्षा रद्द करने की मांग
परीक्षा के बाद NSUI के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रशासन को शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो गया था।
NSUI ने परीक्षा रद्द करने के साथ ही पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई।
पांच सदस्यीय समिति के बाद परीक्षा रद्द
पेपर लीक के आरोपों की समीक्षा के बाद विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय समिति ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
20 अगस्त की शाम विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि बीएससी कृषि सेकेंड ईयर सेकेंड सेमेस्टर शैक्षणिक सत्र 2025-26 की AENT-221 परीक्षा प्रशासनिक कारणों से रद्द की गई है।
विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि इस परीक्षा का री-एग्जाम सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में कराया जाएगा।
पुलिस करेगी पेपर लीक की जांच
रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक ने बताया कि परीक्षा रद्द करने के साथ पुलिस से जांच कराने का फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की सामग्री वास्तव में लीक हुई थी या नहीं।
विश्वविद्यालय की ओर से तेलिबांधा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही गई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रश्नपत्र का वास्तविक स्रोत क्या था और WhatsApp पर वायरल गेस पेपर में इतने सवाल असली परीक्षा से कैसे मेल खाए।
सितंबर के पहले सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए इंतजार करने को कहा है। रद्द की गई AENT-221 परीक्षा का आयोजन अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में किया जाएगा।
री-एग्जाम की सटीक तारीख विश्वविद्यालय की ओर से अलग से जारी किए जाने की उम्मीद है।
पेपर लीक पर फिर उठे सवाल
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा रद्द होने के बाद छत्तीसगढ़ में परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल यह नहीं कहा है कि प्रश्नपत्र का वास्तविक लीक हुआ था। प्रशासन का कहना है कि पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की सामग्री किसी तरह बाहर पहुंची थी या नहीं।
इसलिए फिलहाल पेपर लीक का आरोप जांच के दायरे में है, जबकि परीक्षा रद्द करने का फैसला विश्वविद्यालय पहले ही ले चुका है।
