छत्तीसगढ़ के चर्चित स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले में पुलिस ने बिलासपुर की पूर्व सिम्स डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उन पर दो मामलों में कथित रूप से फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की पूर्व डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, उन पर कथित रूप से फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा दिलाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
दो मामलों में फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की मौत के मामलों में सांप के काटने से मृत्यु दर्शाते हुए कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई थी। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर सरकारी मुआवजा प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें पुलिस ने कथित अनियमितताओं का खुलासा होने का दावा किया।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण में मृतकों के परिजन और एक अधिवक्ता सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पूर्व सिम्स डॉक्टर को भी आरोपी बनाया गया है।
पहले के मामले की भी होगी जांच
पुलिस का दावा है कि डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ पहले भी इसी तरह का एक मामला दर्ज है, जिसमें आरोप है कि हार्ट अटैक से हुई मौत को कथित तौर पर स्नेक बाइट बताकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई थी। पुलिस ने कहा है कि उस मामले में भी उनसे पूछताछ की जाएगी।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायालय में विचारण और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
15 मामलों की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, बिलासपुर में स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले से जुड़े 15 मामलों की जांच जारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि 4 से 5 अन्य डॉक्टर भी जांच के दायरे में हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
