
युवक की फांसी के फंदे पर लटकी मिली लाश, बीती रात बिना बताए घर से था निकला, जांच में जुटी पुलिस

भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है।
रात में घर से निकला था युवक, दोपहर मिला शव
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान शंकर नगर, मुल्ला निवासी 21 वर्षीय सागर कावड़े के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक बीती रात घर में किसी को कुछ बताए बिना निकला था। इसके बाद आज दोपहर उसका शव एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही भानुप्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल युवक के आत्महत्या करने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
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हसदेव नदी में आरक्षक ने लगाई छलांग, 72 घंटे बाद मिला शव

कोरबा. मोरगा चौकी अंतर्गत केंदई के पास पुल से आरक्षक सुनील बेक ने हसदेव नदी में छलांग लगाई थी. घटना के करीब 72 घंटे बाद यानी सोमवार को उसका शव बरामद कर लिया गया है. मृतक सुनील सरगुजा जिले में थाना प्रेमनगर अंतर्गत तारापुर चौकी में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे. पुलिस आत्मघाती कदम उठाने के पीछे क्या कारण थे, उसकी जांच में जुटी हुई है.
23 अक्टूबर को आरक्षक की बाइक क्रमांक CG 14 MX 1898 पुल पर खड़ी मिली. बाइक के पास ही उसका मोबाइल, पर्स, पुलिस आईडी कार्ड और आधार कार्ड भी बरमाद हुआ. घटनास्थल पर मिले सामान के आधार पर आरक्षक के नदी में छलांग लगाने की आशंका जताई गई थी.
सूचना के बाद मौके पर पहुंची मोरगा चौकी प्रभारी मंगतू राम पुलिस स्टाफ ने बाइक और दस्तावेज बरामद किए, जिसके आधार पर नदी में छलांग लगाने की आशंका हुई. दस्तावेजों से बाइक आरक्षक की होना मालूम पड़ा. इसके बाद आरक्षक की तलाश के लिए एसडीआरएफ के गोताखोरों की टीम को बुलाया गया है.
करीब 72 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार एसडीआरएफ ने आरक्षक के शव को बरामद किया. पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पीएम प्रकिया के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया. फिलहाल पुलिस आरक्षक के आत्मघाती कदम का कारण तलाशने में जुट गई है.
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तेज रफ्तार ट्रक ने कार को मारी टक्कर दो लोगों की मौत, इधर दो बाइकों की भिड़ंत से नाबालिग की गई जान

बालोद/धमतरी। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बीच दो अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। बालोद में जहां युवतियों की कार को ट्रक ने टक्कर मार दी, तो वहीं धमतरी में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरु कर दी है।
ट्रक की टक्कर से कार सवार दो की मौत
पहला हादसा बालोद जिले में बिती रात हुआ है, जहां युवतियों की कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में ड्राइवर समेत 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका इलाज रायपुर में जारी है। वहीं पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।
ट्रक ने मारी कार को टक्कर
यह हादसा पुरुर थाना क्षेत्र के सुमित ढाबा के पास हुआ है। बताया जा रहा है कि दो युवती कार में ड्राइवर के साथ रायपुर से जगदलपुर अपनी नानी से मिलने जा रही थी। इसी दौरान चारामा से धमतरी की तरफ जा रही आयरन भरा ट्रक ने पुरुर थाना क्षेत्र के सुमित ढाबा के पास उनकी कार को टक्कर मार दी।
दो की मौत, एक की हालत गंभीर
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में कुमारी मनसा राणा (राखी) और उसके ड्राइवर राहुल पारख की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राखी की बहन घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका ईलाज रायपुर में जारी है।
पुलिस की हिरासत में ट्रक चालक
इधर घटना की सूचना मिलते ही गुरूर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं पुलिस ने जांच के साथ आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
दो बाइकों की टक्कर में एक की मौत
वहीं धमतरी जिला के भखारा थाना क्षेत्र में भी तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां दो बाइकों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 17 वर्षीय नाबालिग की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
दूसरी बाइक से हुई टक्कर
दरअसल ग्राम हंचलपुर निवासी 17 वर्षीय द्वारिका यादव अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर घूम रहा था। द्वारिका बाइक के पीछे बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव के पास ही एक तेज रफ्तार बाइक के साथ उनकी आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई।
एक की मौत, दूसरा गंभीर
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि द्वारिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।
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फिंगरप्रिंट नहीं मिलने पर भी हितग्राहियों को मिलेगा राशन, खाद्य विभाग ने बताया वैकल्पिक व्यवस्था का है प्रावधान…

रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन प्राप्त करने के लिए फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर भी पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। बुजुर्गों सहित ऐसे हितग्राही, जिन्हें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होती है, वे नियमानुसार नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) अथवा ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन प्राप्त कर सकते हैं।
रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। यदि किसी पात्र हितग्राही का फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक मशीन में मैच नहीं होता है, तो उसे नियमानुसार अन्य माध्यमों से राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में कठिनाई का सामना करने वाले हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
खाद्य नियंत्रक ने कहा कि फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण बुजुर्गों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने संबंधी भ्रामक एवं अधूरी जानकारी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है।
खाद्य नियंत्रक ने कहा है कि इस प्रकार के वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है, जिससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। ऐसे मामलों में नियमानुसार नामिनी के माध्यम से अथवा ओटीपी आधारित प्रमाणिकरण के जरिए से राशन प्राप्त करने की सुविधा हो सकती है, इसलिए फिंगर प्रिट मिलान न होने मात्र से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं कि संबंधित हितग्राही को राशन नहीं मिल सकता।
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छत्तीसगढ़ में नर्सिंग प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को पत्र लिखा है। तकनीकी कारणों से प्रदेश के शासकीय और निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में अब तक काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में निर्धारित समय के भीतर प्रवेश प्रक्रिया के सभी चरण पूरे करना संभव नहीं है। इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने नर्सिंग के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 करने की मांग की है।
तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो सकी काउंसिलिंग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश कुमार अग्रवाल ने सोमवार 26 अक्टूबर को इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल की 24 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
हालांकि, प्रदेश के शासकीय और निजी नर्सिंग महाविद्यालयों में तकनीकी कारणों से प्रवेश प्रक्रिया बाधित हुई है। इसके चलते अब तक काउंसिलिंग शुरू नहीं हो सकी है। कम समय में सभी पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग के विभिन्न चरणों को पूरा करना संभव नहीं है।
15 दिसंबर तक प्रवेश की अनुमति देने की मांग
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने पत्र के माध्यम से बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा इन साइकिएट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।
इस पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है।
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