
सूरजपुर दोहरा हत्याकांड : जेल में आरोपी ने की आत्महत्या की कोशिश

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला जेल में बंद दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने आत्मघाती कदम उठाया है। आरोपी के हाथ में धारदार हथियार से कटने के निशान मिले हैं, जिससे हड़कंप मच गया। आनन फानन में उसे अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद उसे वापस जेल भेज दिया।
मां-बेटे की हत्या का है आरोपी
जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रवेश कुमार को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर केशवनगर में एक शिक्षिका और उसके बेटे की पैसों के लालच में हत्या करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में सूरजपुर जिला जेल भेजा गया था।
जेल में बंद रहने के दौरान उसके हाथ में चोट लगने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, आरोपी के हाथ में किसी धारदार चीज से कटने के निशान मिले हैं।
प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या के प्रयास की आशंका जताई गई है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया। फिलहाल, आरोपी के हाथ में चोट लगने की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
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प्रेस क्लब में फायरिंग : पदाधिकारियों पर तानी पिस्टल, आरोपी गिरफ्तार

रायपुर. रायपुर प्रेस क्लब में फायरिंग का मामला सामने आया है. सदस्यता के विवाद को लेकर शनिवार शाम पलाश तिवारी ने प्रेस क्लब पदाधिकारियों से बदसलूकी करते हुए पहले उन पर पिस्टल तान दी, इसके बाद हवाई फायरिंग की घटना को अंजाम दिया. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है.
जानकारी के मुताबिक, प्रेस क्लब की सदस्यता नहीं मिलने से पलाश तिवारी नाराज था. शनिवार को वह प्रेस क्लब पहुंचा और कुछ पदाधिकारियों को लेकर नाराजगी जताई. इसके बाद पलाश तिवारी ने कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और कार्यालय सचिव शिव दत्ता पर पिस्टल तान दी. आरोप है कि शाम करीब 5 बजे पलाश तिवारी ने हवा में पिस्टल से फायरिंग कर दी.
घटना के बाद पुलिस में शिकायत की गई, जिसमें बताया गया कि 24 अक्टूबर की शाम लगभग 5:30 बजे प्रेस क्लब परिसर में कुछ अवांछनीय तत्वों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की जानकारी सदस्यों से मिली थी. इस घटना से प्रेस क्लब की शांति भंग हुई. परिसर में भय का वातावरण निर्मित करने की कोशिश की गई. शिकायत में स्पष्ट तौर से बताया गया कि आरोपी पलाश तिवारी ने पिस्टल से हवाई फायरिंग की और धमकी भी दी.
रायपुर प्रेस क्लब में फायरिंग की गंभीर घटना से पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं शिकायत के बाद देर रात पुलिस ने आरोपी पलाश तिवारी को गिरफ्तार किया. घटना के संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है. मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
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कार-बाइक में भिड़ंत : महिला की मौत, युवक और दो बच्चे घायल

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बालोद-झलमला मुख्य मार्ग पर शनिवार को कार और बाइक के बीच टक्कर हो गई. हादसे में बाइक पर सवार एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक युवक और दो बच्चे घायल हो गए. घटना हीरापुर मोड़ के पास की बताई जा रही है. घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, बाइक पर युवक अपनी मां और दोनों बच्चों को लेकर जा रहा था. इसी दौरान बालोद-झलमला मुख्य मार्ग पर हीरापुर मोड़ के पास उसकी बाइक को कार ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी गंभीर थी कि बाइक पर सवार चारों लोग हादसे का शिकार हो गए. दुर्घटना में महिला की मौत हो गई, जबकि युवक और दोनों बच्चे घायल हो गए।
घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल युवक और दोनों बच्चों का इलाज जारी है. हादसे में जान गंवाने वाली महिला और घायल हुए सभी लोग ग्राम अंगारी के निवासी बताए जा रहे हैं।
यह हादसा बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र में हुआ है. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की जानकारी सामने आई है. दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और कार-बाइक की टक्कर कैसे हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. पुलिस की जांच के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।
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1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव, पहली बार होगा वायुसेना का एयर शो
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस को लेकर राजधानी नवा रायपुर में भव्य आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाला तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ कई मायनों में खास होने जा रहा है। राज्योत्सव में पहली बार भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के हवाई करतब देखने को मिलेंगे। वहीं, बॉलीवुड के जाने-माने गायक अभिजीत भट्टाचार्य, पलक मुच्छाल और स्वस्ति मेहुल अपनी प्रस्तुतियों से समारोह में रंग भरेंगे। कार्यक्रम के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने का कार्यक्रम है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, जिसे तूता मेला ग्राउंड के नाम से भी जाना जाता है, में राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, कला, विकास और आधुनिक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। इस वर्ष राज्योत्सव की प्रमुख थीम ‘सशक्त नारी-युवा उड़ान’ और ‘माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। इन विषयों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी, विकास कार्यों और राज्य की बदलती तस्वीर को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस वर्ष राज्योत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना का प्रस्तावित हवाई प्रदर्शन होगा। आयोजकों की जानकारी के अनुसार, राज्योत्सव के इतिहास में पहली बार वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम नवा रायपुर के आसमान में प्रदर्शन करेंगी। सारंग टीम अपने हेलीकॉप्टरों के साथ विशेष फॉर्मेशन फ्लाइंग और तालमेल का प्रदर्शन करने के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, सूर्यकिरण टीम आसमान में सामूहिक उड़ान और रोमांचक हवाई करतबों के जरिए अपनी दक्षता प्रदर्शित करती है। इन दोनों टीमों के प्रदर्शन से राज्योत्सव में आने वाले दर्शकों को भारतीय वायुसेना के पायलटों के कौशल और अनुशासन की झलक देखने को मिलेगी। हालांकि, एयर शो का सटीक समय और प्रदर्शन स्थल से संबंधित विस्तृत निर्देशों की पुष्टि आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार की जानी होगी।
अभिजीत भट्टाचार्य और पलक मुच्छाल की प्रस्तुति
राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी विशेष महत्व दिया गया है। महोत्सव के मुख्य मंच पर बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा लोकप्रिय गायिका पलक मुच्छाल और गायिका स्वस्ति मेहुल भी कार्यक्रम में शामिल होंगी। इन कलाकारों की प्रस्तुतियों से राज्योत्सव की शामों को संगीत और मनोरंजन से सजाने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
पंथी, करमा और राउत नाचा से सजेगा मंच
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की विशेष झलक दिखाई देगी। बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार पारंपरिक लोकनृत्यों और लोकगीतों की प्रस्तुतियां देंगे। इनमें पंथी, करमा, राउत नाचा, सुआ और गौर मांदरी जैसे प्रमुख लोकनृत्य शामिल होंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और जनजातीय विरासत को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराना भी है।
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सूरजपुर में दर्दनाक हादसा: नदी में डूबने से पिता और तीन बच्चों की मौत

सुरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पुरे परिवार को खत्म कर दिया, पुरे परिवार में मातम छा गया है। पिता और उनके तीन बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरस्वतीपुर की है, जहां रेड नदी में नहाने के दौरान तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख पिता ने बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी पानी में डूब गए। इस हादसे में चारों की जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, सरस्वतीपुर निवासी पिता अपने तीन बच्चों के साथ रेड नदी पहुंचे थे। तीनों बच्चे नदी में नहाने के लिए उतरे, लेकिन कुछ देर बाद वे गहरे पानी में डूबने लगे। बच्चों को संकट में देख पिता उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। हालांकि, तेज गहराई और पानी के बीच वह भी खुद को संभाल नहीं सके। देखते ही देखते हादसे में पिता और तीनों बच्चों की मौत हो गई।
इस भयानक हादसे में जान गंवाने वालों में स्थानीय स्तर पर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला के पति, उनका एक बच्चा और बिहार की राजधानी पटना से घूमने आए उनके दो भांजे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग एक दिन पहले भी इस जगह पर आए थे। उस दौरान उन्होंने घर पर वीडियो कॉल कर नदी का स्थान दिखाया था और यहां नहाने की योजना भी बताई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस जगह पर घूमने और नहाने की योजना बनाई गई थी, वहीं इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
बच्चों को बचाने के लिए पिता ने लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी से बाहर निकाले गए पिता ने पूरे कपड़े पहने हुए थे और उनके माथे पर टीका लगा था। माना जा रहा है कि तीनों बच्चों को पानी में डूबता देख वे उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े, लेकिन खुद भी बाहर नहीं निकल सके। हालांकि, हादसे के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है।
SDRF के मौके पर नहीं पहुंचने का आरोप, स्थानीय युवकों ने निकाले शव
हादसे के बाद बचाव कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना की सूचना सुबह ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को दे दी गई थी, लेकिन आरोप है कि टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय तीन युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी से चारों के शव बाहर निकालने में मदद की। SDRF के मौके पर नहीं पहुंचने के आरोपों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।





