पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। CJP की अगुवाई में छात्र उनके इस्तीफे की मांग को लेकर एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे थे।
नई दिल्ली। पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी मैंने पहले दिन ही ले ली थी। इससे पहले CJP की अगुवाई में छात्र उनके इस्तीफे की मांग को लेकर एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस्तीफे के लिए 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।
यह कदम ऐसे समय आया है जब NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। CJP के नेतृत्व में छात्र और युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने तथा NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन खत्म हो गया और वांगचुक का अनशन भी समाप्त हो गया। हालांकि छात्र संगठनों ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं।
