लगातार बारिश के कारण रायपुर–दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के समीप चंदनडीह क्षेत्र में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो गया है। बिलासपुर में करोड़ों की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में धंस गई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को मानसून ने अपना असली रूप दिखाया। राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा तक — हर तरफ बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कहीं सड़कें जलमग्न हैं, कहीं पुल टूट गए हैं और कहीं नई बनी सड़कें पहली ही बरसात में जमींदोज हो गई हैं।
भिलाई। लगातार बारिश के कारण रायपुर–दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के समीप चंदनडीह क्षेत्र में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हो गया है। जलभराव के चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही धीमी गति से हो रही है, जिससे यात्रियों को आवागमन में विलंब का सामना करना पड़ रहा है। इधर, निर्माण कार्य के कारण सिरसा गेट मार्ग भी पूरी तरह बंद है। ऐसे में इस मार्ग का उपयोग किसी भी स्थिति में वैकल्पिक रास्ते के रूप में नहीं किया जा सकता। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बिलासपुर में करोड़ों की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में धंस गई। कोरबा जिले में 12 से ज्यादा पुलिया बहने से रास्ते बंद हो गए हैं। जलभराव से परेशान लोगों ने सड़क पर लंबा जाम लगा दिया।
इससे न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है बल्कि नगरीय क्षेत्रों में जलभराव से लोगों के घरों में पानी घुसने की शिकायतें भी आ रही हैं। रायपुर के तेलीबांधा, पुरानी बस्ती और रामकुंड इलाकों में घुटनों तक पानी जमा हो गया।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक का मौसम बना हुआ है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी जारी रखी है। प्रशासन ने SDRF टीमों को पूरी तरह सतर्क कर दिया है और नदी-नालों के किनारे बसे गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
