
‘सूर्यवंश’ ब्रांड बेसन की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ बनाया, दो पर FIR दर्ज

रायपुर। राजधानी में बेसन के ब्रांड ‘सूर्यवंश’ की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ नाम से उत्पाद बेचने पर माना कैंप पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता मनीष शादीजा ने आरोप लगाया है कि मेसर्स एमएस सिंध बेसन के संचालक धीरज सचदेव और उनके पिता निर्मल सचदेव ने उनके पंजीकृत ट्रेडमार्क के नाम, पैकेजिंग, सूर्य के चिह्न और टैगलाइन की नकल कर मिलते-जुलते नाम से बेसन बाजार में बेचा। पुलिस ने जांच के बाद ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
माना कैंप थाने में 10 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई। प्राथमिकी में धीरज सचदेव और श्रीचंद सचदेव के नाम दर्ज हैं, जबकि शिकायत के विस्तृत विवरण में निर्मल सचदेव का उल्लेख है।
नामों में इस अंतर की पुलिस से पुष्टि की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इस तरह की नकल से उनके कारोबार और ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
2004 से पंजीकृत है सूर्यवंश ट्रेडमार्क
शिकायतकर्ता मनीष शादीजा के अनुसार, वह रामसागरपारा स्थित मनीष आटा चक्की के माध्यम से आटा और बेसन सहित खाद्य उत्पादों का कारोबार करते हैं। उनकी संस्था वर्ष 2004 से ‘सूर्यवंश’ ब्रांड नाम से बेसन और फरसान से जुड़े उत्पाद बेच रही है।
शिकायत में ट्रेडमार्क पंजीयन और पंजीयन की तारीख 21 जुलाई 2004 बताई गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, ट्रेडमार्क की वैधता 21 जुलाई 2034 तक है।
उनका दावा है कि दो दशक से अधिक समय में ब्रांड ने बाजार में अपनी पहचान बनाई है। शिकायत के अनुसार, इसी पहचान का लाभ उठाने के लिए मिलते-जुलते नाम और लगभग समान पैकेजिंग का इस्तेमाल किया गया।
नाम से लेकर पैकेट की डिजाइन तक नकल का आरोप
मेसर्स एमएस सिंध बेसन के संचालक धीरज सचदेव ने ‘सूर्यवंशी’ नाम से उत्पाद बेचना शुरू किया। आरोप है कि पैकेट का रंग, सूर्य का चिह्न, उत्पाद की तस्वीर और ‘शहर गृहणियों की पहली पसंद’ जैसी टैगलाइन भी उनके ब्रांड से मिलती-जुलती रखी गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों उत्पादों के पैकेट एक साथ देखने पर सामान्य ग्राहक के लिए अंतर पहचानना मुश्किल हो सकता है।
माना कैंप और तेलीबांधा में उत्पादन-भंडारण का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित उत्पाद का उत्पादन और भंडारण रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र के रविग्राम और माना कैंप स्थित डी-62, जय सदाराम मार्केट में किया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके ब्रांड की बाजार में बनी पहचान का फायदा उठाकर मिलते-जुलते नाम से उत्पाद बेचा जा रहा है।
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8वीं की छात्रा ने की आत्महत्या: फंदे पर लटका मिला शव, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर में आठवीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आया है। छात्रा का शव उसके घर पर फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, आकांक्षा सेन छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में आठवीं कक्षा की छात्रा थी। उसके परिवार ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका का आरोप है कि स्कूल में आकांक्षा को काफी डांटा-फटकारा गया था। इसी बात से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
टिकरापारा थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि आठवीं कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। मामले में मर्ग कायम किया गया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूरे प्रकरण की विधिवत जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जांच में स्पष्ट होगा कि घटना से पहले क्या हुआ था और छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी निगमकर्मी बनकर महिला ने ज्वेलरी कारोबारी से 1.88 करोड़ रुपए ठगे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर। सदर बाजार के सराफा कारोबारी से 1.88 करोड़ रुपए की ठगी करने वाली फर्जी निगम कर्मी किरण साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी सहेली योगिता फरार है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों ने मिलकर करीब एक दर्जन लोगों से ठगी की है।
फिलहाल कुछ पीड़ित सामने आए हैं, जबकि अन्य लोगों के भी शिकायत लेकर पहुंचने की बात कही जा रही है। पुलिस ने किरण को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।
पुलिस के मुताबिक सरोरा निवासी किरण साहू (28) गृहिणी है। उसका पति गोपाल साहू ड्राइवर है। किरण सरोरा, गोगांव और गुढ़ियारी इलाके में नेतागिरी करती थी। वह नेताओं के बंगलों में भी बैठती थी।
इसी दौरान वह सदर बाजार स्थित कारोबारी रिखब बरडिया की विधि ज्वेलर्स एंड बुलियन पहुंची। उसने खुद को नगर निगम के आवास विभाग का कर्मचारी बताया।
37 लाख का सोना खरीदकर कारोबारी का भरोसा जीता
किरण 24 अगस्त को विधि ज्वेलर्स पहुंची और 37 लाख रुपए का सोना खरीदा। इसके बदले 250 ग्राम सोने का बिस्किट और 7 लाख रुपए नकद दिए। बाकी 15 लाख रुपए के लिए चेक देकर कारोबारी का भरोसा जीत लिया। इसके बाद 26 अगस्त को वह अपनी साथी योगिता के साथ फिर दुकान पहुंची। दोनों बड़ी मात्रा में सोने, चांदी और हीरे के जेवर लेकर गईं।
भुगतान के लिए 15 लाख और 1.73 करोड़ रुपए के दो चेक दिए। साथ ही सोने के बिस्किट लाकर बाकी भुगतान करने का भरोसा दिलाया। 1 सितंबर को 15 लाख रुपए का चेक गलत हस्ताक्षर के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद कारोबारी को ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत की। पुलिस अब किरण से ठगे गए जेवरों की बरामदगी और अन्य पीड़ितों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में फरार योगिता की तलाश जारी है।
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रोजाना गर्लफेंड को घर लाता था भतीजा, परेशान चाचा ने कर दी हत्या

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को चाचा ने अपने ही भतीजे की चाकू मारकर हत्या कर दी। महिला मित्र को घर लाने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि चाचा ने भतीजे पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।खबरें पढ़ें
मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। लिंगियाडीह निवासी धनीराम निषाद उर्फ कुदन अपने भतीजे अमित निषाद के साथ रहता था। अमित देर रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अपनी गर्लफ्रेंड को घर लेकर आया था। इसी बात को लेकर चाचा-भतीजे के बीच कहासुनी शुरू हो गई। तैश में आकर धनीराम ने भतीजे पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अमित गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अमित को एंबुलेंस से सिम्स अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने इसे मृत घोषित कर दिया। इधर पुलिस आरोपी धनीराम निषाद को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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छत्तीसगढ़ में जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में जादू-टोने और अंधविश्वास के शक में हत्या की एक और घटना सामने आई है। नवरात्र से ठीक पहले आरंग क्षेत्र में जादू-टोने के संदेह में दोहरे हत्याकांड की घटना के बाद अब बेमेतरा जिले के भटगांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग पर टंगिया से हमला किया गया, जिससे उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्मशान घाट के पास नहर किनारे हुई वारदात पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे से 14 अक्टूबर की सुबह 3 बजे के बीच हुई। वारदात बेमेतरा जिले के परपोडी चौकी क्षेत्र के ग्राम भटगांव में श्मशान घाट के पास नहर किनारे स्थित भाठा में अंजाम दी गई।
मृतक की पहचान 60 वर्षीय बलराम पटेल, पिता माधो पटेल, निवासी बंजारपुर के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, जादू-टोने के संदेह में उन पर धारदार हथियार टंगिया से हमला किया गया। हमले में सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच में जुटी पुलिस
मामले में प्रार्थी चन्दु उर्फ चन्द्रप्रकाश पटेल, पिता सुकालु पटेल, उम्र 20 वर्ष, निवासी बंजारपुर की सूचना पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
कानून के बावजूद क्यों नहीं थम रहा अंधविश्वास?
विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी जादू-टोने के संदेह में हिंसा और हत्या की घटनाएं समाज के सामने गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना के खिलाफ कानून होने के बावजूद अंधविश्वास के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किए जाने के मामले सामने आते रहते हैं।
आरंग की घटना के बाद बेमेतरा में सामने आया यह मामला भी कई सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक अंधविश्वास के शक में लोगों की जान जाती रहेगी? समाज में जागरूकता बढ़ाने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानून के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच और सामाजिक चेतना को मजबूत करना भी जरूरी है।
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