कोरबा का बांगो बांध लगातार बारिश के बाद अपनी कुल जलभराव क्षमता के 89.55 प्रतिशत तक भर चुका है। बांध का जलस्तर करीब 358 मीटर पहुंच गया है, जबकि पूर्ण जलभराव क्षमता 359.66 मीटर है। जलस्तर 90 प्रतिशत पहुंचते ही गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संभावित स्थिति को देखते हुए हसदेव नदी किनारे बसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
कोरबा। लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की तेज आवक के चलते बांगो बांध अब छलकने के कगार पर पहुंच गया है। बांध अपनी कुल जलभराव क्षमता का करीब 89.55 प्रतिशत भर चुका है और जलस्तर में प्रतिदिन औसतन 8 सेंटीमीटर तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है।
बांध की पूर्ण जलभराव क्षमता 359.66 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर करीब 358 मीटर पहुंच चुका है। बांध के 90 प्रतिशत भराव तक पहुंचने के बाद गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। ऐसे में अच्छी बारिश जारी रहने पर जल्द ही बांध के गेट खोलने की स्थिति बन सकती है।
हसदेव नदी किनारे निगरानी बढ़ाई
बांध के गेट खोले जाने की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग ने हसदेव नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को संभावित खतरे को लेकर पहले ही सतर्क किया जा चुका है।
15 जून से अब तक जिले में औसतन 618.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं कोरिया जिले के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश का सीधा असर बांगो बांध के जलस्तर पर पड़ रहा है।
गर्मी के दौरान सिंचाई के लिए लगातार पानी छोड़े जाने के कारण बांध में लगभग 25 प्रतिशत पानी ही शेष रह गया था। लेकिन मानसून के बाद लगातार हो रही बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष खरीफ सीजन में खेतों के लिए अलग से पानी छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी है।
उद्योग, सिंचाई और पेयजल के लिए महत्वपूर्ण
हसदेव नदी पर बना बांगो बांध कोरबा समेत आसपास के जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलस्रोत है। बांध के पानी का उपयोग 24 छोटे-बड़े औद्योगिक संयंत्रों के साथ-साथ कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों की करीब 3.62 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए किया जाता है।
दर्री बांध के माध्यम से शहर की दो प्रमुख जल आवर्धन योजनाओं के जरिए करीब 9 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
बांगो बांध में स्थापित 120 मेगावाट क्षमता की तीन जलविद्युत इकाइयों से बिजली उत्पादन भी जारी है। प्रत्येक इकाई को एक-एक घंटे संचालित किया जा रहा है और इस दौरान करीब 375 क्यूसेक पानी प्रति घंटे छोड़ा जा रहा है।
लगातार तीसरे साल खुल सकते हैं बांध के गेट
यदि इस वर्ष बांगो बांध के गेट खोले जाते हैं तो यह लगातार तीसरा वर्ष होगा, जब बांध के गेट खोलने की जरूरत पड़ेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2020 के बाद 2024 और 2025 में भी बांध के गेट खोले गए थे।
2020 में अगस्त के दूसरे सप्ताह में जलस्तर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंचने के बाद पहले तीन और बाद में दो और, यानी कुल पांच गेट खोले गए थे। इसके बाद 2022 और 2023 में गेट खोलने की जरूरत नहीं पड़ी।
2024 में अगस्त के आखिरी सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश और विशेष रूप से कोरिया जिले के कैचमेंट क्षेत्र से पानी की तेज आवक के चलते छह गेट तक खोलने पड़े थे।
2025 में 4 सितंबर को जलस्तर लगातार बढ़ने पर चार गेट खोले गए थे और करीब 23,420 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा गया था। सितंबर के तीसरे सप्ताह में दोबारा लगातार बारिश के बाद जलस्तर नियंत्रित करने के लिए तीन गेट फिर खोले गए थे।
इस बार गेट खुलने की संभावना प्रबल
लगातार बारिश, कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक और बांध के 90 प्रतिशत भराव के करीब पहुंचने के कारण इस वर्ष भी गेट खुलने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग संभावित स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
