
मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से किया लाखों रुपए का लेन-देन

बिलासपुर। प्रदेश की न्यायधानी में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल संचालन समिति के अध्यक्ष का मोबाइल गुम होने के बाद उसमें 1.12 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन हुआ है. गुम सिम को नए सिरे से जारी कराने के बाद इस बात की जानकारी होत ही समिति अध्यक्ष के होश उड़ गए. उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी प्रयास पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष डॉ. सचिन यादव 10 अगस्त को कोलकाता गए थे। शहर में रहने के दौरान उनका जियो सिम लगा मोबाइल गुम हो गया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत सिम फ्रीज कराने की कोशिश की, लेकिन दस्तावेज नहीं होने की वजह से यह काम नहीं हो पाया.
उन्होंने छह दिन बाद अपना पुराना नंबर दोबारा जारी कराया। अगले दिन ईमेल चेक करने पर पता चला कि स्कूल के बैंक से लिंक मोबाइल नंबर से साइबर ठगों ने पहले 14 अगस्त को 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया, इसके बाद एक ही दिन में 1.12 करोड़ का लेन-देन कर रकम 100 से ज्यादा बैंक खातों में बांट दिया.
स्कूल के खाते में नहीं थी रकम
मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि संबंधित स्कूल के खाते में चंद रूपये ही थे. डॉ. सचिन यादव ने बताया कि घटना से पहले स्कूल के खाते में सिर्फ 181 रुपये थे, ठगी के बाद 29 रुपये ही बचे हैं.
जानकारों का कहना है कि इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगों ने म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल किया है. ठगी से प्राप्त रकम को ठगों ने देश भर में लेन-देन के लिए खाते का उपयोग किया. फ़िलहाल, बिलासपुर में जीरो पर अपराध दर्ज कर केस डायरी कोलकाता के न्यू मार्केट थाने भेज दी गई है.
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पुलिस लाईन में शस्त्र पूजा: IPS अंकिता शर्मा ने AK47 से की फायरिंग

राजनांदगांव। बुराई पर अच्छाई की विजय और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव शहर के पुलिस लाईन में शस्त्र पूजन किया गया। शस्त्र पूजन में जिले की एसपी अंकिता शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में मां दुर्गा की आराधना की गई। इस दौरान अंकिता शर्मा ने हर्ष फायर कर पूजा की परम्परा का निर्वाहन किया।
मां दुर्गा से की बुराई के खात्में की कामना
बता दें कि अपनी सालों पुरानी परम्परा का निर्वाह करते हुए विजय दशमी के अवसर पर शहर के पुलिस लाईन स्थित रक्षित केन्द्र में शस्त्रों की पूजा की गई। यहां पुलिस ने अपने सभी हथियारों को रखकर बुराई के खात्में और लोगों की सुरक्षा की शक्ति देने शक्ति की देवी मां दुर्गा से कामना की।
एसपी अंकिता शर्मा ने दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं
देश-प्रदेश और लोगों की सुरक्षा के लिए उठाये जाने वाले शस्त्रों की पूजा के माध्यम से सुरक्षाबलों ने देश में शांति और भाईचारे की कामना की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दी।
बंदूक चलाकर किया हर्ष फायर
दशहरा पर्व पर शस्त्रों की पूजा का विशेष महत्व है। इन शस्त्रों के माध्यम से ही प्रदेश में नक्सल रूपी रावण का खत्म हुआ है। इस अवसर पर हवन यज्ञ के दौरान बडी़ संख्या में पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने आहुति डाली, वहीं प्रसादी वितरण किया गया। शस्त्र पूजा के दौरान पुलिस अधीक्षक, सहित एएसपी, डीएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने बंदूक चलाकर हर्ष फायर कर पूजा की परम्परा का निर्वाहन किया और वाहनों की पूजा की।
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मीना बाजार में हवाई झूले से गिरकर युवक की मौत

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मीना बाजार में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। परिवार के साथ मेला घूमने पहुंचे युवक की आकाश झूले से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान पठान पारा निवासी नकुल निषाद के रूप में हुई है। हादसे के बाद घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद परिजनों में शोक के साथ नाराजगी का माहौल है। मृतक के परिवार ने झूला संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने हादसे को लेकर अलग जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार युवक शराब के नशे में झूले पर नाच रहा था और संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, खरसिया थाना क्षेत्र के मीना बाजार में मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ मेला घूमने पहुंचते हैं। इसी बीच पठान पारा निवासी नकुल निषाद भी अपने परिवार के साथ मीना बाजार पहुंचा था। बताया जा रहा है कि नकुल आकाश झूले में बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक झटका लगने से वह नीचे गिर गया। ऊंचाई से गिरने के कारण युवक को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद घायल नकुल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। नकुल की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के साथ खुशी-खुशी मेला घूमने निकले युवक की अचानक मौत से स्थानीय लोगों में भी दुख और नाराजगी देखी जा रही है।
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रावण दहन के बाद युवक की चाकू मारकर हत्या

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विजयादशमी के दिन रावण दहन के बाद एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। मुड़ापार बाजार के पास युवकों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। हमलावरों ने राहुल उर्फ गोल्डन नामक युवक पर चाकू से करीब आधा दर्जन वार कर दिए। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने रातभर तलाशी अभियान चलाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, वारदात मुड़ापार बाजार के निकट रावण दहन मैदान के पीछे स्थित बस्ती में हुई। रात करीब 10:45 बजे पुराने पेड़ के पास कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में युवकों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान हमलावरों ने राहुल उर्फ गोल्डन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवक पर करीब छह वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर घटनास्थल पर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने राहुल को संभलने का मौका नहीं दिया। अचानक हुए हमले में उसे गंभीर चोटें आईं। चाकू के कई वार लगने के कारण युवक की हालत बेहद नाजुक हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। रावण दहन के बाद हुई इस हत्या ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। त्योहार के दौरान हुई वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल राहुल को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। हालांकि, युवक की चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रातभर चला तलाशी अभियान, तीन आरोपी गिरफ्तार हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। रातभर चले तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने वारदात से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, चौथा आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था और हत्या में किसकी क्या भूमिका थी।
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बिलासपुर में जमीन के नाम पर 10 लाख की ठगी, प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जमीन की खरीदी-बिक्री के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक जमीन कारोबारी ने आदिवासी महिला सहित अन्य लोगों के नाम पर दर्ज जमीनों को बेचने का सौदा कर खरीदार से लाखों रुपए एडवांस ले लिए। इसके बाद जब जमीन की रजिस्ट्री कराने का समय आया तो कारोबारी टालमटोल करने लगा। शिकायतकर्ता ने जमीन के स्वामित्व और दस्तावेजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी प्रॉपर्टी डीलर प्रफुल्ल झा को गिरफ्तार कर लिया है। 70 लाख रुपए प्रति एकड़ में तय हुआ था जमीन का सौदा जानकारी के मुताबिक, दयालबंद निवासी विशालचंद्र केसरी ने भारतीय नगर निवासी जमीन कारोबारी प्रफुल्ल झा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 10 दिसंबर 2025 को जमीन खरीदने का सौदा 70 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से तय हुआ था। सौदे के तहत खरीदार ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 10 लाख रुपए की अग्रिम राशि का भुगतान किया था। आरोप है कि रकम लेने के बाद प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन की बिक्री के लिए एग्रीमेंट किया, लेकिन निर्धारित समय पर रजिस्ट्री नहीं कराई।
शिकायत के मुताबिक, जमीन कारोबारी प्रफुल्ल झा ने गोंड आदिवासी समुदाय की महिला चंद्रकली बाई के नाम दर्ज जमीन बेचने का सौदा किया था। सकरी तहसील के अमेरी क्षेत्र में स्थित खसरा नंबर 232 की 0.2430 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में चंद्रकली बाई के नाम पर दर्ज बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रफुल्ल झा ने कृष्णा दुआ के नाम से जारी मुख्तियारनामे के आधार पर जमीन बेचने का अधिकार होने का दावा किया था। इसी भरोसे पर विशालचंद्र केसरी ने सौदा किया और अग्रिम राशि का भुगतान किया। बाद में जमीन के वास्तविक स्वामित्व और मुख्तियारनामे की वैधता को लेकर सवाल खड़े हो गए।




