धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित ग्राम सरईटोला के ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने का गौरव मिला है। दल के कलाकार 15 अगस्त 2026 को गुट्टा मांदर नृत्य के जरिए राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।
धमतरी। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए 15 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास होने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम सरईटोला (गुडरापार) की पारंपरिक लोककला की गूंज सुनाई देगी।
सरईटोला का सुप्रसिद्ध ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देगा। ग्रामीण अंचल के कलाकारों को देश के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलना न केवल धमतरी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति
सरईटोला का लोक नृत्य दल अपनी विशिष्ट गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की ऊर्जावान प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के लिए जाना जाता है। कलाकारों की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोकजीवन, परंपराओं, उत्सवों और सामुदायिक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है।
मांदर की थाप, पारंपरिक गीत और सामूहिक नृत्य इस लोककला को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। फसल कटाई, उत्सवों, मेलों तथा विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर इस नृत्य की विशेष प्रस्तुति की जाती है।
रंग-बिरंगी वेशभूषा बनेगी आकर्षण
गुट्टा मांदर नृत्य की एक खास पहचान कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, आभूषण और साज-सज्जा भी है। पारंपरिक परिधान नृत्य की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाते हैं।
यह लोकनृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि लोकजीवन, सामुदायिक एकता और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का संवाहक भी है। राष्ट्रपति भवन में इसकी प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की इसी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगी।
नागपुर सांस्कृतिक भवन ने किया विशेष चयन
दल के सचिव श्री रूपराय नेताम ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक भवन, नागपुर द्वारा दल की उत्कृष्ट प्रस्तुति और पारंपरिक कला की विशिष्टता को देखते हुए राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चयन किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना दल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव है। कलाकार इस ऐतिहासिक अवसर के लिए उत्साहित हैं और अपनी श्रेष्ठ प्रस्तुति देने की तैयारी कर रहे हैं।
ये कलाकार करेंगे धमतरी का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के कलाकार श्री रतन लाल निषाद, श्री सुरेंद्र सोरी, श्री हेमंत सोरी, कु. सुलोचना सोरी और कु. मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे।
ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने वाले इन कलाकारों की उपलब्धि छत्तीसगढ़ की लोककला की मौलिकता और जीवंतता को सामने लाती है। राष्ट्रपति भवन में गूंजने वाली मांदर की थाप धमतरी की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान देगी।
जनदर्शन में कलेक्टर से की थी मुलाकात
उल्लेखनीय है कि 4 अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढ़िया बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा से सौजन्य भेंट की थी। समिति ने कलेक्टर को जानकारी दी थी कि उनकी टीम 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में धमतरी की समृद्ध आदिवासी लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकनृत्य की प्रस्तुति देगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन पूरे धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कलाकारों की प्रस्तुति धमतरी की सांस्कृतिक समृद्धि की सशक्त पहचान बनेगी।
