छत्तीसगढ़

रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल में शुरू हुई गठिया रोग विशेषज्ञ ओपीडी, मरीजों को मिलेगी नई सुविधा

रायपुर। नए साल की शुरुआत के साथ राजधानी के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में वात संबंधी रोग (गठिया) के इलाज की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके लिए रुमेटोलॉजी विशेषज्ञ और महिला चिकित्सक डॉ. अश्लेषा शुक्ला की नियुक्ति की गई है। शुक्रवार को ओपीडी की शुरुआत हुई, जिसमें तीन मरीजों ने अपनी जांच कराई। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में इस विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

राज्य में रुमेटो संबंधी बीमारियों के इलाज की सुविधा देने वाला डीकेएस पहला हॉस्पिटल होगा। इससे पहले राज्य के किसी भी मेडिकल कालेज या सरकारी अस्पताल में गठिया रोग के विशेषज्ञ नहीं थे। मरीजों को इस तरह की बीमारी में इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल या दूसरे विभागों का सहारा लेना पड़ता था। ठंड और मौसम में बदलाव के दौरान जोड़ों में दर्द और वात संबंधी समस्याएं अधिक बढ़ जाती हैं, खासकर उम्र बढ़ने पर।

डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के उपअधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि रुमेटोलॉजिस्ट की नियुक्ति से प्रतिदिन ओपीडी में मरीजों को जांच और आवश्यक उपचार की सुविधा मिलेगी। ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को भी डॉ. शुक्ला की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के हालिया निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दो नए विभाग खोलने की योजना बनाई थी। सचिव के निर्देश पर प्रस्ताव भेजा गया और सहमति मिलने के बाद चिकित्सक की नियुक्ति कर ओपीडी शुरू की गई।

डॉ. अश्लेषा शुक्ला छत्तीसगढ़ की मूल निवासी हैं और राज्य की प्रथम महिला रुमेटोलॉजिस्ट के रूप में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी की जा चुकी हैं। वह हिंदी, अंग्रेजी, छत्तीसगढ़ी के साथ उड़िया और मराठी भाषाओं में भी पारंगत हैं, जिससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के मरीजों को सुविधा मिल सकेगी।

इस पहल से राज्य में गठिया और वात संबंधी रोगों के इलाज में नई सुविधा और राहत मिलने की उम्मीद है।

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