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रायपुर में स्वीट्स की दुकानों में मिली गंदगी, 150 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर नष्ट, चार खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल शनिवार को स्वयं विभागीय अमले के साथ मैदानी निरीक्षण पर उतरे। उन्होंने रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित न्यू जनता स्वीट्स, मां अंबे स्वीट्स, स्वीट हट एंड बेकरी तथा पचपेड़ी नाका स्थित रायपुर ढाबा का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता संबंधी लापरवाही को देखते हुए विभागीय दल ने तत्काल कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान लगभग 150 किलोग्राम विभिन्न प्रकार की मिठाइयां और 10 किलोग्राम पनीर नष्ट करवाया गया। विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं तथा स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होने तक कम से कम तीन दिन दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे                                

निरीक्षण के दौरान खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेने से बनी मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।

नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने कहा कि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित रखरखाव के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। खाद्य कारोबारियों के लिए निर्धारित स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई दल में नियंत्रक दीपक अग्रवाल के साथ उपायुक्त आशीष यादव, अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कंचन वर्मा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश राज, संतोष ध्रुव एवं डोमेन्द्र ध्रुव उपस्थित रहे।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि, आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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धान खरीदी में 17.63 करोड़ की गड़बड़ी

कवर्धा। एक तरफ जहां नए सीजन की धान खरीदी की तैयारी चल रही है, वहीं बीते सीजन में की गई धान खरीदी का ही हिसाब गड़बड़ाया हुआ है. जिले में धान खरीदी सीजन 2025-26 के आंकड़ों में उपार्जन केंद्रों से लेकर संग्रहण केंद्रों तक धान के उठाव और मिलान में हजारों मीट्रिक टन की कमी सामने आई है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, उपार्जन केंद्रों में करीब 11 करोड़ 93 लाख रुपये और संग्रहण केंद्रों में लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य के धान का अंतर सामने आया है। दोनों को जोड़ें तो यह आंकड़ा 17 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक पहुंचता है। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में धान कहां गया? क्या यह महज सूखत है या फिर कहीं गड़बड़ी भी हुई है? खास बात यह है कि आठ समितियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद धान की कमी की भरपाई अब तक नहीं हो पाई है।

कवर्धा जिले में धान खरीदी सीजन 2025-26 के दौरान 108 उपार्जन केंद्रों में कुल 6 लाख 37 हजार 235 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। लेकिन खरीदी के बाद जब धान के उठाव और उपलब्ध स्टॉक का मिलान हुआ, तो आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 6 लाख 33 हजार 392 मीट्रिक टन धान का ही मिलान हो पाया। इस तरह करीब 3 हजार 848 मीट्रिक टन धान की कमी दर्ज की गई।

बताया जा रहा है कि जिले के 52 उपार्जन केंद्रों में धान की कमी सामने आई, जबकि शेष 56 केंद्रों में कमी शून्य दर्ज की गई। इस मामले में खाद्य विभाग और विपणन विभाग ने समितियों पर सख्ती बरती। आठ समितियों के खिलाफ थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। इसके बावजूद कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बाद भी नुकसान की वसूली आखिर कब होगी?

धान की कमी का मामला सिर्फ उपार्जन केंद्रों तक सीमित नहीं है। जिले के बाजार चारभाठा और बघर्रा स्थित दोनों संग्रहण केंद्र भी सवालों के घेरे में हैं। जानकारी के मुताबिक, इस सीजन में उपार्जन केंद्रों से उठाव के बाद यहां करीब 6 लाख 20 हजार क्विंटल धान संग्रहित किया गया था। अंतिम उठाव और स्टॉक मिलान के दौरान करीब 18 हजार 400 क्विंटल धान की कमी सामने आई। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है।

समितियों को मिलने वाले कमीशन से होगी कटौती

कबीरधाम जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने बताया कि धान की जो कमी पाई गई है, उसकी भरपाई संबंधित समितियों को मिलने वाले कमीशन से कटौती करके की जाएगी। इसके लिए खाद्य विभाग लगातार कार्यवाही कर रही है।

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पंडाल के लिए सड़क पर बांधी गई रस्सी में फंसकर बाइक सवार की मौत

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में दुर्गा पूजा और जागरण के आयोजन के दौरान सड़क पर बांधी गई रस्सी एक युवक की मौत की वजह बन गई। जय स्तंभ चौक के पास हुए इस हादसे में बाइक सवार फैजान खान की जान चली गई, जबकि उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक घायल हो गया। घटना के बाद अब हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, दुर्गा पूजा समिति की ओर से जागरण आयोजित कराने के लिए सड़क पर रस्सी बांधी गई थी। इसी दौरान बाइक सवार युवक रस्सी में फंस गए और हादसा हो गया। घटना कल देर शाम की बताई जा रही है।

हादसे में जान गंवाने वाला फैजान खान मायापुर का निवासी था। घटना के बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने आयोजन समिति के सदस्य सुरेश कनौजिया और संदीप अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने मामले में धारा 106, 125 और 3 के तहत कार्रवाई की है।

इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क पर की जाने वाली व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्गा पूजा, गणेशोत्सव और जागरण जैसे कार्यक्रमों के दौरान कई जगह सड़कों और चौक-चौराहों पर पंडाल लगाए जाते हैं। ऐसे आयोजनों में यदि सड़क पर रस्सी या दूसरी बाधाएं लगाई जाती हैं और उनकी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तो राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों से यातायात प्रभावित होने और तेज आवाज में बजने वाले गानों से लोगों को परेशानी होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। ऐसे में आयोजन की अनुमति देने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन पर ध्यान देना भी जरूरी है।

फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हादसे से जुड़े CCTV फुटेज के सामने आने के बाद जांच में उससे मिलने वाली जानकारी भी अहम हो सकती है।

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पश्चिम बंगाल में चोरबागान पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चोरबागान पंडाल को सरकार द्वारा बेस्ट ऑफ द बेस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया था. इस पूजा को सूचना एजेंसी ने देवी दुर्गा सम्मान 2026 से सम्मानित किया. शनिवार रात यहां भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस हादसे में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है. इसमें इसके आयोजक भी शामिल हैं.

इस पंडाल में हर साल ही लोगों की भीड़ देखने को मिलती है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि यहां हर साल अलग-अलग थीम पर पंडाल तैयार किया जाता है. इस साल की थीम ‘बियॉन्ड साउंड’ थी.

दरअसल, इस पंडाल में इस साल शहरी जीवन के शोर-शराबे और कोलाहल के विपरीत एक शांत, ध्यानमग्न और आत्मनिरीक्षण वाले वातावरण को दर्शाया गया है. पंडाल के भीतर मां दुर्गा की प्रतिमा भी बिना किसी अस्त्र-शस्त्र के अत्यंत शांत और ध्यानमग्न मुद्रा में स्थापित की गई है.

साल 2025 में स्रोतोस्विनी थीम पर पंडाल तैयार किया गया था. यह थीम समय के निरंतर प्रवाह और सभ्यता के विकास पर आधारित थी. पंडाल के अंदर प्राचीन और आधुनिक घड़ियों के जरिए समयकाल को दिखाया गया था. मां दुर्गा की मूर्ति को एक नाव पर तैरते हुए प्रदर्शित किया गया था.

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश

इस हादसे में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिवार के लिए आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया है.

एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने चोरबागन की घटना की जांच के सिलसिले में 12 लोगों को हिरासत में लिया. हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह घटना किस कारण हुई. अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.’

कोलकाता के चोरबागान स्थित सर्बोजनिन पंडाल में महासप्तमी के दिन बारिश के बीच अचानक भगदड़ मच गई. मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया है. हाई कोर्ट के मौजूदा जज इसकी अध्यक्षता करेंगे. इस SIT में एसटीएफ (STF), सीआईडी (CID) और अन्य विभागों के सदस्य भी रहेंगे.

कोलकाता पुलिस के एंटी राउडी सेक्शन (ARS) ने घटना के समय की उस जगह की सीसीटीवी फुटेज जुटा ली है. अधिकारी ने बताया कि फुटेज की जांच की जा रही है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि भीड़ को संभालने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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मध्य प्रदेश: ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा; 18 की मौत; 30 से ज्यादा घायल

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसा लगभग 1:30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ।

ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर जा रहे थे। छिनोर की ओर वाली सड़क पर खड़ी ढलान है, जहां भारी वाहनों का आना प्रतिबंधित है।

उन्होंने कहा कि धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर अचानक बेकाबू हो गया। ट्रक नीचे की ओर आया और मंदिर की बाहरी दीवार व गेट से जा टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

एसएसपी के अनुसार, अब तक 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से 18 की मौत हो चुकी है। 5-6 मरीज गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें फ्रैक्चर हुए हैं, जबकि बाकी को मामूली चोटें आई हैं।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अन्य वाहन मौके पर भेजे गए। उनके अनुसार, इस घटना में 18 लोगों की मौत हो गई है और 5 से 6 मरीज गंभीर हालत में हैं। करीब 29 लोगों को अलग-अलग तरह की चोटें आई हैं।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान उस सड़क पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था। ट्रक अंदर कैसे आ गया, यह जांच का विषय है। ट्रक की मैकेनिकल जांच के लिए आरटीओ टीम भेजी गई है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यह घटना रात करीब 1 बजे हुई। मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। ट्रक में क्षमता से ज्यादा सामान लदा था। वह अचानक आया और कुछ दुकानों व लोगों को कुचल दिया। मेरे भाई को भी चोटें आई हैं। घटनास्थल पर अभी भी अफरातफरी मची हुई है। हादसे के बाद अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।

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