प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। अब स्लम पुनर्वास योजना के लाभार्थियों को परियोजना लागत का कम से कम 25% अंशदान देना होगा। इसके चलते न्यूनतम अंशदान 75 हजार रुपये से बढ़कर 1.45 लाख रुपये हो गया है।
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्लम पुनर्वास योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब योजना के तहत मकान प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को पहले की तुलना में अधिक अंशदान देना होगा।
अब देना होगा परियोजना लागत का 25% अंशदान
नई गाइडलाइन के अनुसार, स्लम पुनर्वास योजना के तहत लाभार्थी का अंशदान परियोजना की कुल लागत का कम से कम 25 प्रतिशत होना अनिवार्य होगा। इसी बदलाव के चलते पहले जहां लाभार्थियों को करीब 75 हजार रुपये जमा करने होते थे, अब यह राशि बढ़कर करीब 1.45 लाख रुपये हो गई है।
परियोजना लागत भी बढ़ाई गई
केंद्र सरकार ने प्रति आवास परियोजना की लागत भी संशोधित की है। पहले एक आवास की स्वीकृत लागत 4.75 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 5.75 लाख रुपये कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण सामग्री और निर्माण लागत में वृद्धि को देखते हुए यह संशोधन किया गया है।
इन नगर निगमों को जारी हुए निर्देश
नई व्यवस्था के संबंध में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, बीरगांव, धमतरी और रिसाली नगर निगमों को निर्देश भेज दिए गए हैं। चयनित हितग्राहियों का पहले सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें यूनिफाइड वेब पोर्टल (UWP) के माध्यम से संबंधित आवासीय परियोजना से जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों ने बताई बदलाव की वजह
योजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, निर्माण लागत में लगातार वृद्धि के कारण केंद्र सरकार ने परियोजना लागत और हितग्राही अंशदान दोनों में संशोधन किया है, ताकि नई परियोजनाओं का क्रियान्वयन मौजूदा लागत के अनुरूप किया जा सके।
