छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी मामले में EOW ने पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ की। इसके बाद रामगोपाल अग्रवाल EOW के समक्ष उपस्थित हुए और विशेष अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी मामले की जांच के सिलसिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं और उपलब्ध जानकारियों के संबंध में उनसे सवाल किए।
इस घटनाक्रम के बाद मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया। रामगोपाल अग्रवाल EOW के समक्ष उपस्थित हुए, जिसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई 2026 तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है।
वैभव अग्रवाल से मामले से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, EOW ने वैभव अग्रवाल से कथित कोयला लेवी मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की। मूल समाचार रिपोर्ट में उनका नाम मामले की FIR में होने का दावा किया गया है। हालांकि FIR की मूल प्रति या आधिकारिक FIR विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण इस दावे को स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
मामला जांचाधीन होने के कारण पूछताछ को अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। जांच एजेंसी की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संबंधित आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
रामगोपाल अग्रवाल 17 जुलाई तक EOW रिमांड पर
वैभव अग्रवाल से पूछताछ के बाद रामगोपाल अग्रवाल EOW कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने EOW को 17 जुलाई तक उनकी कस्टोडियल रिमांड दी है। जांच एजेंसी इस अवधि में कथित कोयला लेवी सहित जांच से जुड़े अन्य मामलों के संबंध में उनसे पूछताछ करेगी।
इससे पहले प्रकाशित रिपोर्टों में रामगोपाल अग्रवाल को फरार बताया गया था। हालांकि बाद के घटनाक्रम के कारण यह जानकारी अब पुरानी हो चुकी है। इसलिए वर्तमान समाचार में उन्हें “अब भी फरार” लिखना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।
जांच जारी, आरोपों की न्यायिक पुष्टि बाकी
कथित कोयला लेवी मामले में जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसी की ओर से विभिन्न दावे किए गए हैं, लेकिन इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय अभी नहीं हुआ है।
मामले में EOW की आगे की जांच, अदालत की कार्यवाही और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
