अपराध और हादसाछत्तीसगढ़

डीएपी खाद के नाम पर किसानों से ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार; कई जिलों में फैला था गिरोह

सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में डीएपी खाद के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले गिरोह का कृषि विभाग और तहसील प्रशासन ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सरसीवां थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, कार्रवाई सरसीवां क्षेत्र के ग्राम गाड़ापाली में की गई, जहां प्रशासनिक टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पुलकित बायोफर्टीलाइजर प्रा. लि. से जुड़े हुए हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो से तीन वर्षों से सरसीवां क्षेत्र के अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय थे। वे खुद को अधिकृत विक्रेता बताकर किसानों को डीएपी खाद के नाम पर उत्पाद बेचते थे, जबकि जांच में सामग्री वास्तविक डीएपी खाद नहीं पाई गई। किसानों को भरोसा दिलाने के लिए बिक्री के समय बिल भी दिया जाता था, लेकिन उत्पाद की गुणवत्ता और प्रकार संदिग्ध मिले।

प्रशासन के अनुसार, आरोपी अलग-अलग स्थानों पर किराये के कमरों में रहकर लगातार ठिकाना बदलते थे, ताकि उन पर किसी को संदेह न हो। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष सरसीवां तहसील के ग्राम भिनोदा में भी इसी कंपनी का संदिग्ध खाद मिला था, लेकिन उस समय ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार प्रशासन ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कृष्ण कुमार साहू, उर्वरक निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, तहसीलदार मोहन साहू, कुलदीप नायक तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, खरीद का पक्का बिल अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा खाद बेचने की सूचना तत्काल कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों से ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button