छत्तीसगढ़

दो दिवसीय ग्रीन समिट में शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने रखा सतत विकास का विजन

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट 2026 – Sustainable Synergy: Traditionally Futuristic का समापन शनिवार को गरिमामयी वातावरण में हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, मेघालय लोकायुक्त के चेयरमैन सी.पी. मारक, पीसीसीएफ वी. श्रीनिवास राव, कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुई। स्वागत उद्बोधन में वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि यह समिट जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई है। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए शोध, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को आवश्यक बताया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा और आदिवासी संस्कृति के कारण प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिट में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने पर्यावरण, ग्रीन टेक्नोलॉजी और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मान सिंह बघेल, शशिकला सिन्हा, बलदेव मंडावी और मीतू गुप्ता को ग्रीन अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लोकनृत्य, कला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button