छत्तीसगढ़
Trending

प्रदेश की पांच बड़ी खबरें

बाबू खेमानी की 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क

रायपुर। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी उर्फ गुलशन की एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ गई है। न्यायालय ने उनके करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। जिसमें छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित जमीन शामिल है।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की संपत्ति भी शामिल

न्यायालय ने छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र में स्थित जमीन और दुकान को कुर्क करने का आदेश दिया है। इनमें महासमुंद और रायपुर के अलावा महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मौजूद संपत्तियां भी शामिल बताई जा रही हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया की एफडी में जमा करीब 40.50 लाख रुपये को भी कुर्की की कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। जमीन और दुकानों से जुड़ी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।नक्शे देखें

सट्टेबाजी के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कॉमेडी वीडियो बनाकर पहचान बनाने वाला बाबू खेमानी अब ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड निकला। रील्स बनाकर लोकप्रियता हासिल करने वाला बाबू खेमानी अब पुलिस की गिरफ्त में है।

बता दें कि बाबू खेमानी इंस्टाग्राम पर कॉमेडी और क्रिकेट प्रिडिक्शन से जुड़े वीडियो बनाकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। वह अपने फॉलोअर्स को क्रिकेट मैचों के संभावित नतीजों के बारे में बताता और अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें सट्टे में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था। पहले वह लोगों को फॉलोअर बनाता और फिर निजी संपर्क के जरिए उन्हें सट्टेबाजी के नेटवर्क में जोड़ता था। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, जिसमें सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर नए “कस्टमर” तैयार किए जाते थे।

———-

मेरठ में 48 घंटे के भीतर दूसरा मृत्युदंड, पति की हत्या कर सांप के काटने की कहानी गढ़ने वाले पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की हत्या के दो अलग-अलग मामलों में महज दो दिन के भीतर चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। 14 अक्टूबर को चर्चित ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके दो दिन बाद, 16 अक्टूबर को अदालत ने रविता कश्यप और उसके प्रेमी अमरदीप को भी मृत्युदंड सुनाया।

दूसरे मामले में रविता और अमरदीप पर रविता के पति अमित कश्यप की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने का आरोप था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने अमित की गला घोंटकर हत्या की और उसके शव के पास जीवित सांप रख दिया, ताकि घटना सर्पदंश से हुई मौत लगे।

पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज

अमित का शव अप्रैल 2025 में मेरठ जिले के अकबरपुर सादात गांव स्थित उसके घर में मिला था। शुरुआत में परिजनों को सांप के काटने से मौत होने का संदेह हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने कथित तौर पर एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। पुलिस जांच में दोनों की भूमिका सामने आने के बाद मामला अदालत पहुंचा।

12 गवाहों की गवाही के बाद फैसला

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने मामले में 7 अक्टूबर को दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने मामले में 12 गवाह पेश किए।

सजा सुनाए जाने से पहले रविता ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए नरमी की अपील की, जबकि अमरदीप ने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल का अनुरोध किया।

एक ही जेल में बंद दोनों मामलों की दोषी महिलाएं

मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में ब्लू ड्रम हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी और दूसरे मामले की दोषी रविता एक ही बैरक में बंद हैं। दो दिनों के भीतर आए इन फैसलों ने मेरठ को देशभर की सुर्खियों में ला दिया है।

हालांकि, दोनों मामलों में मृत्युदंड सुनाया जाना और सजा का अंतिम रूप से लागू होना अलग-अलग बातें हैं। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया भी आवश्यक होती है।

——

स्कूल परिसर में जिस झूले पर खेलते थे बच्चे, उसी ने ले ली 10 साल के मासूम की जान

महासमुंद: महासमुंद जिले के सरकारी स्कूल परिसर में पेड़ से बंधे झूले में गला फंसने से चौथी के छात्र की मौत हो गई। बसना विकासखंड के मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि छात्र तरुण चौहान (10) समय से पहले स्कूल पहुंचा था। वह रस्सी के झूले में खेल रहा था, तभी उसका गला फंस गया। घटना के समय स्कूल परिसर में कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार मौजूद नहीं था। मामले की गंभीरता तो देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को सस्पेंड कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक तरुण स्कूल समय से पहले परिसर में पहुंच गया था। स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी बंधी हुई थी, जिस पर बच्चे झूला झूलने के साथ उल्टा लटककर भी खेलते थे। इसी दौरान तरुण का गला रस्सी में फंस गया। कुछ महिलाएं स्कूल परिसर पहुंचीं तो उन्होंने बच्चे को रस्सी से लटका देखा। उन्होंने उसे नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम है। भंवरपुर चौकी प्रभारी अनंजना चंद्रा ने बताया कि घटना सुबह की है। छात्र जब खेल रहा था, उस समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान खेलते हुए रस्सी उसके गले में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच में दोनों शिक्षक दोषी पाए गए हैं।

————

नाबालिग के साथ ब्लैकमेलिंग का खेल, पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ा

महासमुंद: महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने, ब्लैकमेलिंग करने और पैसे की मांग करने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि, यह सिलसिला करीब डेढ़ साल से चल रहा था। मामले में दुष्कर्म के आरोप भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में दो मुख्य आरोपियों के साथ तीन अन्य सह-आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों पर नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो के जरिए उसे लगातार धमकाने का आरोप है। फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसों की मांग की जाती थी। करीब डेढ़ साल तक ब्लैकमेलिंग किए जाने की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस इस प्रकरण में उपलब्ध शिकायत, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। मामले में दुष्कर्म, अश्लील सामग्री के जरिए धमकी और जबरन वसूली से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। नाबालिग से संबंधित संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

——————–

5 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत से हड़कंप, कांग्रेस की जांच समिति गांव जाकर करेगी पड़ताल

कवर्धा। कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव नंदनी कुमान में कुछ महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत का मामला अब सियासी तूल पकड़ने लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति प्रभावित गांव का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों, ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा करेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी को जांच समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल के अलावा पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह, ममता चंद्राकर और कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।

कांग्रेस ने समिति के सदस्यों से जल्द प्रभावित गांव का दौरा करने और मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने को कहा है। समिति पीड़ित बैगा जनजाति के परिवारों, ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

चार महीने में पांच बच्चों की मौत से चिंता

दरअसल, कवर्धा जिले के रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान में पिछले कुछ महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। इसके अलावा, गांव के करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ग्रामीणों ने किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है। मौतों के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच और चिकित्सकीय जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी।

————-

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button