नारायणपुर जिले में हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर नम्रता जैन ने शासन की पुनर्वास नीति के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को सहायता एवं प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रशासन का उद्देश्य आत्मसमर्पित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है।
नारायणपुर। नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासन की पुनर्वास एवं प्रोत्साहन संबंधी योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को सहायता और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
कलेक्टर नम्रता जैन ने वितरित की प्रोत्साहन राशि
कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा शासन की पुनर्वास नीति के प्रावधानों के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। वहीं अपर कलेक्टर द्वारा भी एक आत्मसमर्पित नक्सली को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में लाभार्थियों की संख्या और वितरित राशि की कुल रकम का उल्लेख नहीं किया गया है।
मुख्यधारा से जोड़ने पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आत्मसमर्पण के बाद शासन की ओर से मिलने वाली सहायता और प्रोत्साहन राशि से प्रभावित व्यक्तियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर नए जीवन की शुरुआत करने में सहयोग मिलने की बात प्रशासन ने कही है।
पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
जिले में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को शांति, विकास और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आत्मसमर्पित व्यक्तियों को सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है।
