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बाबा गुरु घासीदास का संदेश मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक: मुख्यमंत्री साय

सारंगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया और राज्य की शुख समृद्धि व मंगल कामना कर बाबाजी से आशीर्वाद लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने जैतखाम में लगे सफेद डंडे व चौकोन सफेद झण्डे को गुरुघासीदास बाबाजी के प्रतीक बताते हुए उनके महत्व को समझाया और कहाकि मनुष्य का जीवन बाबाजी की तरह उच्च और सबके प्रति प्रेम का भाव रखने वाला व सादगी जीवन होना चाहिए तांकि हम सब उनके बताए मार्गो पर चल सकें, उनके विचारों को हम सब मान सकें।
समारोह को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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