
रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ की ओर से आयकर विभाग के सहयोग से आयोजित ‘व्यापारी कर संवाद’ अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है। ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक ही दिन व्यापारियों और आयकर विभाग के अधिकारियों के बीच कार्यक्रम हुए थे। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CAIT की टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में CAIT के नेशनल वाइस चेयरमेन और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने छत्तीसगढ़ की टीम के साथ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का मेडल और प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।
गोल्डन बुक की क्षेत्रीय अधिकारी सोनल शर्मा और राजेश शर्मा ने यह सम्मान दिया। इस दौरान CAIT छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारियों से जुड़े कार्यक्रम करेगा CAIT
अमर पारवानी ने कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ का उद्देश्य व्यापारियों को आयकर से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रमों में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और सवाल आयकर अधिकारियों के सामने रखे। उन्होंने कहा कि कर संबंधी नोटिस या प्रक्रिया को लेकर कई बार व्यापारियों में चिंता रहती है। सही जानकारी और समय पर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने से ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
CAIT ने इस अभियान में सहयोग के लिए मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर संजीव और आयकर विभाग के अधिकारियों का आभार जताया। पारवानी ने कहा कि प्रदेश में व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शासन, विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद जरूरी है। CAIT ने आगे भी व्यापारियों से जुड़े विषयों पर इसी तरह के कार्यक्रम करने की बात कही।
अमर पारवानी ने कहा कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिलना प्रदेश के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान छत्तीसगढ़ के 12 लाख व्यापारियों को समर्पित किया।
CAIT प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने भी इस उपलब्धि पर व्यापारियों और संगठन की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान CAIT और युवा CAIT के पदाधिकारी अमर पारवानी, परमानंद जैन, अवनीत सिंह, विजय पटेल, राम मंधान, भरत जैन, दीपक विधानी, कन्हैया गुप्ता, कान्ति पटेल और रतनदीप सिंह मौजूद रहे।




