रायपुर। कोल लेवी स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है। तीन दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को ED ने पूर्व अधिकारी सौम्या चौरसिया को विशेष न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। ED ने उन्हें 17 दिसंबर को दूसरी बार गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था।
इससे पहले आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोमवार 15 दिसंबर को सौम्या चौरसिया के निज सचिव जयचंद कोसले के खिलाफ करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। सौम्या चौरसिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रह चुकी हैं। EOW का दावा है कि रायपुर नगर निगम के रिकॉर्ड कीपर जयचंद कोसले को सौम्या चौरसिया वसूली के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास ले गई थीं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौम्या चौरसिया के कार्यकाल के दौरान जयचंद कोसले सीएम हाउस में ही पदस्थ था और सौम्या के निर्देश पर वसूली का काम करता था। इसी उद्देश्य से उसे शासन द्वारा सीजी-02 नंबर की दो गाड़ियां भी उपलब्ध कराई गई थीं।
ACB की चार्जशीट के मुताबिक 25 जून 2019 से 31 जनवरी 2020 के बीच सिंडिकेट के सदस्यों ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए आपसी समन्वय किया। इन चर्चाओं में सौम्या चौरसिया द्वारा अनिल टुटेजा को भेजे गए संदेश भी शामिल हैं, जिनमें मुख्यमंत्री से फाइलों पर हस्ताक्षर कराने और उनके सुरक्षित मूवमेंट का उल्लेख है। मामले की जांच अभी जारी है।
