
रायपुर, 13 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और विशेष प्रयासों से आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जशपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत 50 सीटों में से प्रथम चरण में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि शेष सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों में 42 सीटें राज्य कोटा, 7 सीटें केंद्रीय कोटा और 1 सीट सेंट्रल पूल के तहत भरी जाएगी। मेडिकल शिक्षा की शुरुआत से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने जिले में डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की राह भी आसान होगी।
झारगांव पॉलीटेक्निक कॉलेज में फिलहाल संचालित हो रही पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक और व्यावहारिक अध्ययन के लिए जिला चिकित्सालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों सहित अन्य आवश्यक पदों की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
चराईडांड में ₹359 करोड़ की लागत से बनेगा स्थायी परिसर
जशपुर को चिकित्सा शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कुनकुरी के चराईडांड में शासकीय मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए ₹359 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मेडिकल कॉलेज परिसर के साथ यहां 220 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण भी प्रगति पर है। स्थायी परिसर और अस्पताल के पूरा होने के बाद जिले में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की बढ़ेगी सुविधा
मेडिकल कॉलेज और अत्याधुनिक अस्पताल के संचालन से जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं मेडिकल विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त बेहतर शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण का वातावरण मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा बुनियादी ढांचा
जशपुर जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। फरसाबहार क्षेत्र में सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा सत्य साईं मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण प्रगति पर है। संजीवनी एंबुलेंस की संख्या में भी वृद्धि की गई है।
इसके अलावा गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण जारी है। जिले में नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है।
इन संस्थानों के पूर्ण होने के बाद जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने के साथ जिलेवासियों को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।



