रायपुर । नवा रायपुर को हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत आगामी पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाए जाएंगे।
मंत्री चौधरी ने यह जानकारी मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में दी। रायपुर के बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित बैठक में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में पहले ही करीब 70 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। अब इसके अतिरिक्त एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे शहर की पर्यावरणीय पहचान और मजबूत होगी।
31 जुलाई तक पूरा करना होगा वृक्षारोपण लक्ष्य
मंत्री ओपी चौधरी ने सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने परिसर और आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों को 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा करना होगा और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करना होगा। वृक्षारोपण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी और पोर्टल पर समयबद्ध जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। सरकार निवेश को बढ़ावा दे रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सेंध लेक में विकसित हो रहा बर्ड आइलैंड
मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर की पहचान बन चुकी सेंध लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया है। इससे झील में करीब 12 लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित होगी। झील के मध्य स्थित लगभग तीन एकड़ के द्वीप पर मियावाकी पद्धति से करीब 25 हजार पौधे लगाए गए हैं। इससे प्रवासी पक्षियों के लिए प्राकृतिक बर्ड आइलैंड (ईको-हब) विकसित किया जा रहा है।
इस साल 22 लाख पौधों का रोपण
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब 22 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों को निर्देश दिए कि प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाए जाएं और त्रि-स्तरीय पौधरोपण के माध्यम से सघन ग्रीन बेल्ट तैयार की जाए।
बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, डायरेक्टर स्तर के प्रतिनिधियों सहित पर्यावरण संरक्षण मंडल और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
