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सेल्फी की चाह में गई तीन जिंदगियां, झरने में डूबकर दर्दनाक मौत

अमरावती | आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिला से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां मुल्लुंगुम्मी झरना पर गुरुवार को फोटो और सेल्फी लेने के दौरान तीन नाबालिग लड़कियां पानी में डूब गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, जंबावलासा गांव की पांच लड़कियां त्योहार की छुट्टियों में झरने पर घूमने गई थीं। सभी झरने के पास फोटो और वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान तीन लड़कियां तेज बहाव के बीच मौजूद एक बड़ी चट्टान पर चढ़ गईं। अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे फिसलकर गहरे पानी में जा गिरीं।

मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश की, लेकिन पानी की तेज धार तीनों को बहाकर ले गई। बाद में काफी तलाश के बाद उनके शव बरामद किए गए।

मृतकों की पहचान 17 वर्षीय तृषा, 16 वर्षीय रत्ना कुमारी और 16 वर्षीय पवित्रा के रूप में हुई है। वहीं, साथ गई अन्य दो लड़कियां सुरक्षित बच निकलीं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

अमरावती | आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिला से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां मुल्लुंगुम्मी झरना पर गुरुवार को फोटो और सेल्फी लेने के दौरान तीन नाबालिग लड़कियां पानी में डूब गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, जंबावलासा गांव की पांच लड़कियां त्योहार की छुट्टियों में झरने पर घूमने गई थीं। सभी झरने के पास फोटो और वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान तीन लड़कियां तेज बहाव के बीच मौजूद एक बड़ी चट्टान पर चढ़ गईं। अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे फिसलकर गहरे पानी में जा गिरीं।

मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश की, लेकिन पानी की तेज धार तीनों को बहाकर ले गई। बाद में काफी तलाश के बाद उनके शव बरामद किए गए।

मृतकों की पहचान 17 वर्षीय तृषा, 16 वर्षीय रत्ना कुमारी और 16 वर्षीय पवित्रा के रूप में हुई है। वहीं, साथ गई अन्य दो लड़कियां सुरक्षित बच निकलीं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों, खासकर झरनों पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों, खासकर झरनों पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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