रायपुर। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल से देश और छत्तीसगढ़ में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। जहां एक ओर टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव हुआ है, वहीं टोल, पेट्रोल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने खर्च बढ़ा दिया है। हालांकि प्रॉपर्टी रजिस्ट्री सस्ती होने से कुछ राहत भी मिली है।
छत्तीसगढ़ में स्टाम्प ड्यूटी पर 12% सरचार्ज खत्म कर दिया गया है, जिससे जमीन की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। वहीं शराब और बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। पेट्रोल के दाम में भी एक रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
टोल प्लाजा पर अब कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही टोल टैक्स चुकाना होगा। टोल दरों में बढ़ोतरी के कारण हाईवे पर सफर भी महंगा हो गया है।
टैक्स सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है। अब ‘वित्तीय वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ लागू किया गया है, जिससे प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।
रेल यात्रियों के लिए भी नियम सख्त हुए हैं। अब ट्रेन टिकट का रिफंड पाने के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। हालांकि यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।
कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। रायपुर में इसकी कीमत करीब 2300 रुपये पहुंच गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाएं महंगी हो सकती हैं, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत जहां कुछ राहत लेकर आई है, वहीं कई बदलावों ने आम लोगों के खर्च को बढ़ा दिया है।
