महासमुंद। जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 600 किलोग्राम गांजा की खेप बरामद की है। कंपनी के मशीनरी सामान की आड़ में महाराष्ट्र ले जाए जा रहे इस गांजे की अंतरराज्यीय तस्करी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजा, वाहन, मोबाइल और नकदी सहित कुल संपत्ति की कीमत लगभग 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार तस्करों ने इस बार गांजा परिवहन के लिए नया तरीका अपनाया था। टाटा माजदा वाहन में बड़े-बड़े कार्टून और मशीनरी से जुड़े सामान लोड किए गए थे। इन्हीं सामानों के नीचे और पीछे 24 प्लास्टिक बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस की नजर से बचने के लिए पूरे वाहन को काले रंग के त्रिपाल से ढंक दिया गया था, ताकि किसी को अंदर रखे मादक पदार्थ की भनक न लग सके।
महासमुंद पुलिस को सूचना मिली थी कि एक लाल रंग की टाटा माजदा वाहन क्रमांक MH-46 CU-6060 में भारी मात्रा में गांजा भरकर मुरमुरी चौक से होते हुए महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुरमुरी चौक क्षेत्र में विशेष जांच अभियान शुरू किया।
वाहन जांच के दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए की संदिग्ध गाड़ी सामने से आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपना नाम महबूब बादशाह शेख (65 वर्ष) निवासी अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) बताया। संदेह के आधार पर जब वाहन की गहन तलाशी ली गई तो कंपनी के मशीनरी सामान के नीचे और पीछे छिपाकर रखी गई 24 बोरियां बरामद हुईं।
प्रत्येक बोरी में लगभग 25-25 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। कुल वजन 600 किलोग्राम यानी 6 क्विंटल पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांजा उड़ीसा के बौद्ध जिले से लोड किया गया था और उसे महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पहुंचाने की योजना थी।
पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त टाटा माजदा वाहन जिसकी कीमत लगभग 12 लाख रुपये है, एक मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार रुपये से अधिक है।
महासमुंद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सिंघोड़ा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की खेप किसके लिए भेजी जा रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उड़ीसा से लगे अंतरराज्यीय क्षेत्रों में गांजा तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
अब केवल अंतरराज्यीय चेक पोस्ट ही नहीं, बल्कि अंदरूनी मार्गों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा तस्करी के स्रोत, परिवहन मार्ग, आर्थिक नेटवर्क और गंतव्य स्थानों की भी गहन जांच की जा रही है।
महासमुंद पुलिस का कहना है कि तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। कभी एंबुलेंस, कभी मूवर्स एंड पैकर्स के वाहनों, कभी फलों और खाद्य सामग्री से भरे ट्रकों, तो कभी कपड़ा फेरी और ट्रेवल्स वाहनों की आड़ में तस्करी की जा रही है। कई मामलों में छोटे वाहनों में गुप्त चैंबर बनाकर भी नशे का सामान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। हालांकि पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते ऐसे अधिकांश प्रयास विफल हो रहे हैं। इस बड़ी कार्रवाई को महासमुंद पुलिस की हालिया सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में नशे के कारोबार पर रोक लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
