
फ्लाईओवर से कूदकर 21 साल की युवती ने दी जान

दुर्ग। भिलाई में 21 साल की युवती ने बुधवार को पॉवर हाउस फ्लाई ओवर से छलांग दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वह अपने घर से वॉक करने के लिए निकली थी. इस दौरान अचानक उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया. मृतिका की पहचान खुर्शीपार निवासी पूनम अहिरवार के रूप में हुई. घटना छावनी थाना क्षेत्र की है.
जानकारी के मुताबिक, पूनम अहिरवार लंबे वक्त से मिर्गी की बिमारी थी. युवती मिर्गी के दौरों से परेशान रहती थी. परिवार एम्स अस्पताल में युवती का इलाज करा रहा था. घटना की सुबह वह अपने पिता से बाहर वॉक करने की बात कहकर घर से निकली थी. इसी बीच पॉवर हाउस फ्लाईओवर पर अचानक उसने छलांग लगा दी.
घटना की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची. वहीं फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया. प्रारंभिक जांच में फ्लाईओवर से नीचे गिरने से मौत की वजह बताई गई. पंचानामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है. वहीं उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है. फिलहाल सवाल है कि क्या घटना के वक्त युवती को मिर्गी का दौरा पड़ा था, या फिर उसने आत्महत्या की. पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है.
दुर्ग-धमधा ओवरब्रिज पर हादसा
दुर्ग-धमधा ओवरब्रिज पर बस और ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई. नवीन बस सर्विस की यात्री बस दुर्ग से बेमेतरा जा रही थी. इसी दौरान सामने से आ रही ई-रिक्शा से उसकी भीड़ंत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि उसके चालक की मौके पर ही मौत हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस चालक ने ई-रिक्शा चालक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हादसा नहीं टल सका. मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है. घटना के बाद सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. शव का पंचानामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रारंभिक तौर पर ई-रिक्शा चालक के नशे में होने की बात सामने आई है. हालांक पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
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सराफा व्यापारी से 50 लाख की लूट, जेवरात और कैश लेकर भागे बदमाश

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सराफा व्यापारी से 50 लाख रुपये की लूट की बड़ी वारदात सामने आई है. दलदली में साप्ताहिक बाजार से व्यापारी बाइक से वापस लौट रहा था. इस दौरान तरेगांव और बैजलपुर के बीच घाटी में दो बाइक पर सवार होकर आए 6 बदमाशों ने व्यापारी को रोककर बैग छिनने का प्रयास किया. विरोध करने पर व्यापारी पर डंडे से हमला कर दिया. इसके बाद चांदी के जेवरात और 50 से अधिक कैश लूटकर फरार हो गए. पूरी घटना तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र की है.
जानकारी के अनुसार, सराफा व्यापारी दलदली में साप्ताहिक बाजार गए थे. वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान तरेगांव और बैजलपुर के बीच घाटी में दो बाइक पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें रोक लिया. बदमाशों ने डंडे से हमला कर व्यापारी को रोकने के बाद उनके पास मौजूद सोने-चांदी के जेवरात और 50 हजार रुपये से अधिक कैश लूट लिए. घटना के बाद व्यापारी ने पुलिस में शिकायत की दी. व्यापारी ने 50 लाख की लूट की बात कही है. लूटे गए जेवरात की कुल कीमत और नकदी की सटीक राशि का आकलन किया जाना बाकी है.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोपियों को पकड़ने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है. पुलिस वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
घाटी क्षेत्र में हुई इस लूट के बाद बदमाशों की पहचान और उनके भागने के संभावित रास्तों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है.
पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच
एसडीओपी अखिलेश कौशिक ने बताया कि मंगलवार को थाना तरेगांव जंगल क्षेत्र अंतर्गत पांडातराई निवासी वेद प्रकाश सोनी के साथ कुछ अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने लूट की घटना को अंजाम दिया. प्रार्थी ने करीब डेढ़ लाख रुपये और 15 किलों से अधिक की चांदी के लूट होने की बात कही गई है. मामले में एफआईआर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.
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महाचक्रवात ‘अर्नब’ : छत्तीसगढ़ और एमपी से लेकर बिहार-झारखंड तक ‘रेड अलर्ट’

रायपुर। महाचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात करीब 2 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। तूफान के दौरान 125 से 135 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गए। चक्रवात अर्नब के कारण आंध्रप्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश हो रही है। महाचक्रवात ‘अर्नब’ ने आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में जमकर कोहराम मचाया है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में घरों की छतें उखड़ गईं, पेड़ गिरे और निचले इलाकों में समुद्री पानी घुस गया। लैंडफॉल के बाद चक्रवात ‘अर्नब’ अब और खतरनाक हो गया है। भारी बारिश के साथ ही यह छत्तीसगढ़ और एमपी से लेकर बिहार-झारखंड में तबाही मचाने के लिए आगे बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक चक्रवात ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में व्य़ापक रूप से देखने को मिलेगा। इस दौरान 28 और 29 अक्टूबर को मध्यम से लेकर तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ‘अर्नब’ के छत्तीसगढ़ में संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है।
प्रदेश में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव जिलों में कलेक्टरों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारियों ने बुधवार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए धमतरी जिले में भी बुधवार को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। बालोद जिले में भी चक्रवाती तूफान और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए बुधवार को सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
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नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपी व्याख्याता सस्पेंड, मामला दर्ज

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक ने निलंबन का आदेश जारी किया है।
व्याख्याता पर शासकीय हाई स्कूल अछोला में कक्षा 9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ और विद्यालय परिसर में शराब सेवन करने की शिकायत की गई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
आरोपी व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 एवं 10 के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। आरोपी को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। यह निलंबन कार्रवाई 10 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
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अब सोसायटियों में नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन, घर बैठे मिलेगा टोकन

रायपुर। धान बेचने वाले किसानों के लिए जरूरी खबर: अब सोसायटियों में नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन, घर बैठे मिलेगा टोकन, जानें क्या हैं नियम
सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। इसे लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी किसानों को धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने के लिए सोसायटियों में लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था जारी रखी है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे मोबाइल एप से धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे मिलेगी ऑनलाइन सुविधा
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से किसान 24×7 ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था से किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ ही धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी।
जानें कितने एकड़ वाले किसान को मिलेंगे कितने टोकन
धान विक्रय के लिए किसानों की जोत के अनुसार टोकन की संख्या निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक के लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन मिलेगा। दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक के किसानों को अधिकतम दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन प्राप्त करने की सुविधा होगी।
कम धान बेचने पर लैप्स नहीं होगी शेष पात्रता
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तरह टोकन में धान की मात्रा दर्ज करने की सुविधा रहेगी। किसान अपनी आवश्यकता और उपलब्धता के अनुसार मात्रा दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे। यदि किसान किसी टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेचता है, तो उसकी शेष पात्रता समाप्त नहीं होगी। वह पात्रतानुसार शेष मात्रा का धान दूसरे अथवा तीसरे टोकन के माध्यम से बेच सकेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को धान विक्रय के लिए अधिक सुविधा और विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार सोसायटियों के चक्कर न लगाने पड़ें और वे अपनी सुविधा के अनुसार टोकन प्राप्त कर सुगमता से धान का विक्रय कर सकें।




