
छठ घाट में डूबने से 14 साल के बच्चे की मौत, ढाई घंटे बाद मिला शव

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में महानवमी के दिन दर्दनाक हादसा हो गया। मां महामाया मंदिर के सामने स्थित छठ घाट में डूबने से 14 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान इरशाद आलम के रूप में हुई है। वह झारखंड के डाल्टनगंज क्षेत्र के बंदूवा से अपने परिजनों के साथ गुब्बारे बेचने आया था। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, महानवमी के अवसर पर इरशाद आलम रामानुजगंज स्थित मां महामाया मंदिर के सामने छठ घाट पहुंचा था। दोपहर में नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके साथ मौजूद दो बच्चों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
ढाई घंटे की तलाश के बाद मिला शव
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय युवक बालक की तलाश में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद करीब ढाई घंटे की खोजबीन के पश्चात दोपहर 3:20 बजे इरशाद का शव पानी से बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।
महानवमी की खुशियां मातम में बदली
महानवमी के पर्व पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। त्योहार के दौरान हुई इस घटना से क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के 7 लोगों की बिगड़ी तबीयत, 3 बच्चों की हालत गंभीर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते सभी को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें तीन बच्चों की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है। वहीं छह वर्षीय एक बच्चे को एनआईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है।
सीएमडी कॉलेज के पास ठेले पर खाया था गुपचुप
जानकारी के अनुसार, सकरी थाना क्षेत्र के परसदा गांव से महेश साहू अपनी पत्नी संतोषी साहू और परिवार के बच्चों के साथ घूमने के लिए बिलासपुर आए थे। अष्टमी की रात परिवार ने सीएमडी कॉलेज के पास एक ठेले पर गुपचुप खाया था। इसके बाद सभी अपने घर लौट गए। बताया जा रहा है कि अगले दिन सुबह उठते ही परिवार के सदस्यों को उल्टी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद सभी को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
तीन बच्चों की हालत ज्यादा खराब
अस्पताल में भर्ती सात मरीजों में तीन बच्चे शामिल हैं, जिनकी हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है। इनमें छह वर्षीय एक बच्चे को एनआईसीयू में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है। गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
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धान के अवैध कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, 26 क्विंटल धान जब्त, यूपी से आ रहा 150 बोरी धान भी पकड़ाया

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और परिवहन के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। बलरामपुर जिले में कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक टीम ने बसंतपुर में दो लोगों के घरों से 26 क्विंटल धान जब्त किया है। वहीं उत्तरप्रदेश से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा 150 बोरी धान भी पकड़ा गया है। धान के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे स्वराज माजदा वाहन को भी जब्त किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बसंतपुर में राजकुमार गुप्ता और शिवप्रसाद गुप्ता के घरों में धान का भंडारण मिला। जांच के दौरान संबंधित लोग धान के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए कुल 26 क्विंटल धान जब्त कर लिया।
इसी क्रम में प्रशासन ने उत्तरप्रदेश से छत्तीसगढ़ लाए जा रहे 150 बोरी धान को भी पकड़ा। धान के अवैध परिवहन के मामले में इस्तेमाल किए जा रहे स्वराज माजदा वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले में धान के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और नियमों के पालन की जांच की जा रही है।
अवैध भंडारण और परिवहन पर प्रशासन की नजर
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम डॉ. टीडी मरकाम, तहसीलदार अश्विनी चंद्रा और नायब तहसीलदार जितेंद्र डहरे की टीम ने यह कार्रवाई की। धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन अवैध भंडारण और परिवहन पर लगातार नजर रख रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से धान के अवैध कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने धान के भंडारण और परिवहन पर निगरानी तेज कर दी है, ताकि खरीदी व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
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चार लोगों पर जानलेवा हमला, मुख्य आरोपी को 7 साल की सजा, पांच लोग बरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुरानी रंजिश के चलते चार लोगों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने के मामले में जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दशम अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने मुख्य आरोपी कृष्णा साहू को दोषी ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 6 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं मामले में शामिल अन्य पांच आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
पुरानी रंजिश में किया था हमला
दरअसल, घटना 3 अक्टूबर 2025 की है। तखतपुर थाना क्षेत्र की जूनापारा चौकी अंतर्गत ग्राम सलहैया में कृष्णा साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनीष शुक्ला पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। मनीष को बचाने के लिए गोकुल सिंह राजपूत, सूर्यकांत राजपूत और उत्तम राजपूत बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस घटना में मनीष शुक्ला समेत चारों लोग घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए लोरमी के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद सविता शुक्ला ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
6 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद कृष्णा साहू, श्रवण साहू, महेंद्र राजपूत, छोटकू उर्फ लक्ष्मण ध्रुव, बाल्मीकि उर्फ गुरुप्रसाद और ओमनारायण नेताम के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत चालान न्यायालय में पेश किया था।
मुख्य आरोपी दोषी, पांच को मिला संदेह का लाभ
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। सरकारी वकील ने दलील दी कि हमले के दौरान चार लोगों के सिर पर लाठी-डंडों से वार किया गया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। अभियोजन पक्ष ने मुख्य आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने कृष्णा साहू के खिलाफ अपराध साबित पाया। इसके बाद उसे सात साल के सश्रम कारावास और 6 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण श्रवण साहू समेत अन्य पांच आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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इलाज के नाम पर नाबालिग छात्रा से हैवानियत! स्वास्थ्य जांच में 5 महीने की गर्भवती मिली, पुलिस ने आरोपी बैगा को किया गिरफ्तार

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले में इलाज के नाम पर नाबालिग के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में बैगा-गुनिया के रूप में काम करने वाला व्यक्ति इलाज के बहाने छात्रा को अपने घर बुलाता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जिला कलेक्टर ने जांच समिति गठित की है और छात्रावास की अधीक्षिका व संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
छात्रावास में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई गर्भवती होने की पुष्टि
मामला ताड़ोकी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता भानुप्रतापपुर के एक छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थी। जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 की रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद छात्रावास की अधीक्षिका ने परिजनों को इसकी सूचना दी।
परिजन छात्रा को इलाज के लिए अंतागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सोनोग्राफी भी कराई गई, जिसमें गर्भ करीब पांच महीने का होने की बात पता चली। यह जानकारी मिलने के बाद परिजन सकते में आ गए।
परिजनों ने जब छात्रा से पूछताछ की, तो उसने अपने साथ हुए कथित यौन शोषण के बारे में बताया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पेट दर्द होने पर बैगा के पास ले गए थे परिजन
पुलिस के मुताबिक, अप्रैल 2026 में छात्रा को पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद परिजन उसे गांव के 44 वर्षीय बैगा रमेश पिस्दा के पास इलाज के लिए लेकर गए थे। आरोपी गांव में बैगा-गुनिया के तौर पर काम करने के साथ एक स्कूल में रसोइया भी बताया जा है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने छात्रा को बच्चेदानी में परेशानी होने की बात कही थी और उसे एक ताबीज भी दिया था। आरोप है कि इसके बाद वह इलाज के बहाने अलग-अलग मौकों पर नाबालिग को अपने घर बुलाने लगा।
नशीली दवा देकर बेहोश करने का आरोप
पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर उसे नशीली दवा देकर बेहोश कर देता था। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बेहोशी की वजह से छात्रा को कथित घटनाओं की जानकारी नहीं हो पाती थी।
छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि के बाद परिजनों को मामले की जानकारी मिली और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
परिजनों की शिकायत पर 18 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 64(2)(m) और 65(1) के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आज यानी 19 अक्टूबर 2026 को आरोपी रमेश कुमार पिस्दा (44), निवासी ग्राम आमागांव, को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
कलेक्टर ने बनाई जांच समिति, अधीक्षिका और संकुल समन्वयक को नोटिस
मामले में जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने जांच समिति गठित की है। भानुप्रतापपुर के एसडीएम अनिकेत फडतारे के नेतृत्व में समिति मामले की जांच करेगी।
एसडीएम अनिकेत फडतारे
इसके साथ ही छात्रावास की अधीक्षिका और संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की जांच में छात्रावास स्तर पर सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित जिम्मेदारियों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। नाबालिग की सुरक्षा, देखभाल और उसे जरूरी चिकित्सकीय व अन्य सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े पहलू भी इस मामले में अहम हैं।
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