
तेज रफ्तार पिकअप ने मारी टक्कर, विधायक मोहले के भाई समेत तीन लोगों की मौत

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में विधायक पुन्नूलाल मोहले के भाई अधीन मोहले समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा जरहागांव थाना क्षेत्र के दशरंगपुर गांव में हुआ। जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार पिकअप वाहन तीनों को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अधीन मोहले निवासी आवासपारा दशरंगपुर, बल्लू बघेल पिता तिजऊ राम और गंगा राम निवासी रेहुंटा के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल है। अपने भाई अधीन मोहले समेत तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही विधायक पुन्नूलाल मोहले जिला अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उन्होंने तीनों मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विधायक के समर्थकों के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचने लगे।
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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की अपील हाईकोर्ट ने खारिज किया, पाक्सो कोर्ट का फैसला रखा बरकरार

बिलासपुर। शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी की अपील खारिज, हाईकोर्ट ने पॉक्सो कोर्ट का फैसला रखा बरकरार
वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में हाईकोर्ट ने दोषी की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 17 साल 6 महीने थी। ऐसे में यदि वह संबंधों के लिए सहमत भी थी, तब भी उसकी सहमति का कानूनी महत्व नहीं है। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने अंबिकापुर की विशेष पॉक्सो अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी।
दरअसल, आरोपी पीड़िता का दूर का रिश्तेदार था, जो कुछ समय तक उसके परिवार के घर में रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उसने पीड़िता को बहलाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। परिवार को इसकी जानकारी होने पर उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद भी वह पीड़िता से मोबाइल फोन पर संपर्क में रहा। 17 जनवरी 2017 को आरोपी पीड़िता को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। बाद में 29 जनवरी 2017 को पुलिस ने पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। पीड़िता ने बयान में आरोप लगाया कि आरोपी उसे अलग-अलग स्थानों पर ले गया और इस दौरान उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी।
आरोपी की ओर से अपील में कहा गया कि जिस स्कूल में पीड़िता ने पहले पढ़ाई की थी, वहां का मूल रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। आरोपी ने यह भी दावा किया कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे और गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। हाईकोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता के पिता ने स्कूल में दाखिला कराया था और जन्मतिथि 1 जुलाई 1999 दर्ज कराई थी। पांचवीं कक्षा के स्कूल रिकॉर्ड के साथ दसवीं की अंकसूची में भी यही जन्मतिथि दर्ज थी। दसवीं की अंकसूची छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की ओर से जारी की गई थी। कोर्ट ने इसे उम्र साबित करने के लिए विश्वसनीय दस्तावेज माना।
हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता के बयान की उसके माता-पिता, चाचा और जांच अधिकारी के बयानों से पुष्टि होती है। बचाव पक्ष की जिरह में ऐसा कोई महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने नहीं आया, जिससे पीड़िता की गवाही पर संदेह किया जा सके। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी को पीड़िता की उम्र की जानकारी थी। अंबिकापुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 3 अगस्त 2022 को आरोपी को आईपीसी की धारा 363 के तहत 3 साल, धारा 366 के तहत 5 साल और धारा 376 (2) (n) के 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया था। सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया गया था। मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी। आरोपी पहले से जेल में है।
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तेंदुए का आतंक: घर में घुसकर लोगों पर किया हमला, तीन ग्रामीण घायल

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में तेंदुए का आतंक देखने को मिला है, जहां एक तेंदुए ने घर में घुसकर तीन लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला अस्पताल धमतरी रेफर किया गया है।
तेंदुए ने घर में घुसकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, कारीपानी गांव में एक महिला घर के बाहर बर्तन धो रही थी। इसी दौरान अचानक जंगल से तेंदुआ आ पहुंचा और घर में घुसकर तीन लोगों पर हमला कर दिया।
पूरे गांव में दहशत का माहौल
तेंदुए के इस हमले में तीनों घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं आज सुबह तेंदुआ बहीगांव दिखाई दिया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
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पुलिसकर्मी के बेटे की हत्या मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में करीब 10 महीने बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटना के वक्त चेतन की गर्लफ्रेंड ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। वहां विवाद हुआ, जिसने हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद आरोपियों ने चेतन पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस की जांच और अदालत में सुनवाई के बाद अब इस मामले में फैसला आया है।
पुलिस जांच में सामने आया था कि चेतन साहू न्यू पुलिस लाइन, दुर्ग का रहने वाला था। रोशनी लकड़ा और चेतन की मां पुलिस विभाग में आरक्षक थी। पुलिस लाइन में रहने के दौरान चेतन और रोशनी के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। बाद में रोशनी की मां का तबादला सरगुजा हो गया। इसके बाद रोशनी भी अपनी मां के साथ वहां चली गई। इसी दौरान रोशनी की नजदीकियां दूसरे युवक से बढ़ गई। इसके बावजूद चेतन उस पर मिलने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
दिसंबर 2024 में रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी। इसकी जानकारी मिलने पर चेतन उससे मिलने की कोशिश करने लगा। लगातार फोन आने से परेशान रोशनी ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी को दी। प्रेमी के कहने पर रोशनी ने चेतन को कसारीडीह सिविल लाइन स्थित क्वार्टर के पास मिलने के लिए बुलाया। 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास चेतन के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडों और घातक हथियारों से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण चेतन की मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में कई संदेहियों को हिरासत में लिया गया। बाद में पुलिस ने रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू के साथ तीन नाबालिगों को भी पकड़ा। इस मामले में हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। प्रथम अपर सत्र न्यायालय दुर्ग ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास समेत अलग-अलग अवधि की सजा और अर्थदंड सुनाया। उपलब्ध सजा वारंट के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड दिया गया है। वहीं, धारा 191(2) के तहत 2 साल और धारा 191(3), 118(1) के तहत 3-3 साल के कारावास की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
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क्यूआर कोड से 25 लाख की ठगी, च्वाइस सेंटर थे निशाने पर, दो गिरफ्तार

बिलासपुर। च्वाइस सेंटर संचालकों के क्यूआर कोड का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रेंज साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में करीब 45 च्वाइस एवं सीएससी सेंटर संचालकों को निशाना बनाया। अब तक सामने आए मामलों में ठगी की अनुमानित रकम 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
मामले की शुरुआत बिलासपुर जिले के बिल्हा मोड़ स्थित लक्ष्मी च्वाइस सेंटर के संचालक देवेंद्र रजक की शिकायत से हुई। हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम खरकेना निवासी देवेंद्र रजक ने पुलिस को बताया कि 5 अक्टूबर को दोपहर एक व्यक्ति उनके सेंटर पहुंचा। उसने कहा कि वह सेंटर के क्यूआर कोड के माध्यम से खाते में रकम जमा करवाएगा और बदले में उतनी ही राशि नकद ले लेगा।
संचालक के सहमत होने पर आरोपी ने क्यूआर कोड की फोटो अपने मोबाइल में ली और किसी अन्य व्यक्ति को भेज दी। इसके बाद खाते में 16 हजार रुपये जमा होने पर संचालक ने उसे 16 हजार रुपये नकद दे दिए। अगले दिन जब उनके बैंक खाते पर होल्ड लग गया, तब वे स्टेट बैंक की चकरभाठा शाखा पहुंचे। वहां पता चला कि साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम खाते में आने के कारण खाता होल्ड किया गया है। इसके बाद च्वाइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सऐप ग्रुप से उन्हें जानकारी मिली कि इसी तरीके से अन्य संचालकों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है।
शिकायत के आधार पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(4) एवं 3(5) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिलासपुर के हिर्री और बिल्हा क्षेत्र में दोबारा वारदात करने की कोशिश में सक्रिय हैं। पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर अंकित आहूजा को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी आशीष केवलानी के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया।
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