कैमरा-माइक से नहीं, तथ्य और निष्पक्षता से बनती है पत्रकार की पहचान: संजय विरनानी

विशाखापट्टनम/रायपुर। भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) के 13वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ से भी पत्रकारों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में पत्रकार लवेश द्वेदी उपाध्याय, विक्की पंजवानी (कोषाध्यक्ष), संजय विरनानी, प्रधान संपादक, IndToday News 24 तथा राजू वासवानी, RV News सहित अन्य पत्रकार शामिल हुए।
समारोह के दौरान डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, पत्रकारिता की विश्वसनीयता, तथ्यपरकता, नैतिकता और पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। इसी क्रम में IndToday News 24 के प्रधान संपादक संजय विरनानी ने बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
डिजिटल क्रांति ने बढ़ाया अभिव्यक्ति का दायरा
संजय विरनानी ने कहा कि डिजिटल क्रांति ने आम लोगों को अपनी बात रखने और सूचनाएं साझा करने के व्यापक अवसर दिए हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से समाचारों की पहुंच पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। हालांकि, इसके साथ पत्रकारिता की विश्वसनीयता, तथ्यपरकता, नैतिकता और जवाबदेही से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि आज कोई भी व्यक्ति कैमरा या माइक लेकर सूचनाएं प्रसारित कर सकता है, लेकिन केवल उपकरणों का होना किसी व्यक्ति को पेशेवर पत्रकार नहीं बना देता। पत्रकारिता की वास्तविक पहचान तथ्यों की पुष्टि, निष्पक्ष दृष्टिकोण और जनहित के प्रति जिम्मेदारी से होती है।
तथ्यों की पुष्टि को बताया पत्रकारिता की पहली जिम्मेदारी
विरनानी ने कहा कि समाचार को लोगों तक पहुंचाने से पहले उसकी सत्यता और स्रोतों की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। पत्रकार को किसी भी विषय को प्रस्तुत करते समय संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण लेने और जनहित को प्राथमिकता देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में खबरें तेजी से प्रसारित होती हैं, ऐसे में जल्दबाजी के बजाय तथ्यपरकता को महत्व देना आवश्यक है। एक गलत सूचना समाज में भ्रम पैदा कर सकती है और पत्रकारिता की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।
पेशेवर मूल्यों को मजबूत करने पर जोर
समारोह में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक के विस्तार के बावजूद पत्रकारिता के मूल मूल्य—सत्य, निष्पक्षता, जनहित और जवाबदेही—आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
BSPS के स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ से पहुंचे पत्रकारों की सहभागिता ने विभिन्न राज्यों के पत्रकारों के बीच संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप के साथ पत्रकारों के हित, पेशेवर गरिमा और संगठनात्मक एकता जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए।




