
रायपुर। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद अब नगर निगम की सफाई व्यवस्था में भी बड़ा डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। सफाई कर्मचारी कहां गया, किस क्षेत्र में सफाई की और कितनी देर काम किया, यह सब अब डिजिटल मैप पर दर्ज होगा। शासन स्तर पर मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई की जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग की तैयारी चल रही है।
पहले चरण में रायपुर और बिलासपुर निगम को इसमें शामिल किया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश के दूसरे निगमों में व्यवस्था लागू की जाएगी। नई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों को जीपीएस आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए दिल्ली की कंपनी के करीब 1400 सफाई कर्मचारियों को जीपीएस से लैस करने की तैयारी है।
इन कर्मचारियों के सफाई की हर मूवमेंट रिकॉर्ड होगी। निगम के अधिकारी डिजिटल मैप पर देख सकेंगे कि कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और वहां सफाई की या नहीं।
अब सफाई का डिजिटल ट्रैक नगर निगम में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की गाड़ियों की जीपीएस से मॉनिटरिंग पहले से की जा रही है। अब इसी मॉडल को मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई तक बढ़ाया जाएगा। सफाई के रूट और क्षेत्र की डिजिटल मैपिंग होगी। इससे अधिकारियों के पास सफाई व्यवस्था का एक ऐसा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसके आधार पर कर्मचारी और एजेंसी दोनों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
शिकायत पर तुरंत पता चलेगा कर्मचारी कहां था किसी मोहल्ले या सड़क पर सफाई नहीं होने की शिकायत आती है तो संबंधित समय का डिजिटल रिकॉर्ड देखा जा सकेगा। इससे यह जांचना संभव होगा कि कर्मचारी उस क्षेत्र में पहुंचा था या नहीं। व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों की जांच मौके पर पहुंचकर पूछताछ करने के बजाय डिजिटल रिकॉर्ड से भी की जा सकेगी।



