रायपुर। संवाददाता: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) रायपुर के बीएससी द्वितीय वर्ष एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। पुलिस ने प्रोफेसर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने जांच शुरू की और करीब 36 घंटे के भीतर पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
लिफाफे में छेद कर प्रश्नपत्र का बनाया वीडियो
पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया रायपुर के कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। यहां से उसे आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मिले थे। इनमें 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी शामिल था।
आरोप है कि योगेश प्रश्नपत्र का लिफाफा अपने घर ले गया। इसके बाद उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग कर ली।
इसके बाद कथित तौर पर पेपर की सामग्री तैयार की गई और उसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक तथा दो अन्य छात्रों को करीब 11 हजार रुपये में बेच दिया गया।
11 हजार रुपये में बेचा गया पेपर
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता गया। पुलिस के अनुसार, यह पेपर त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक भी पहुंचा था।
परीक्षा शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने खंगाला डिजिटल नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम लगाई। जांच में साइबर तकनीक, सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने की टाइमलाइन और आरोपियों के डिजिटल कनेक्शन को खंगाला गया।
इसी डिजिटल जांच के आधार पर पुलिस एक-एक कर कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंची।
पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई सामान बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- 11 हजार रुपये नकद
- 6 मोबाइल फोन
- वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस
- केबल और कनेक्टर
- सुई और सूजा
- कॉपी
- फेविकोल
- अन्य संबंधित सामग्री
पेपर की गोपनीयता पर उठे गंभीर सवाल
IGKV की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले वायरल होने और कथित तौर पर लिफाफे में छेद कर उसकी रिकॉर्डिंग किए जाने के खुलासे ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार दो आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की आगे की जांच में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और प्रश्नपत्र कितने छात्रों तक पहुंचा, इसकी भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
