राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा और राज्य की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। एआई तकनीक से पर्यटन और विरासत का डिजिटल अनुभव तथा छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज भी विशेष आकर्षण हैं।
रायपुर। राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 17 अगस्त 2026 को भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा प्रदेश की विकास और सुशासन यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव
प्रदर्शनी में एआई तकनीक के माध्यम से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव लोगों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं।
आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत के इस संगम को लेकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

क्विज के जरिए छत्तीसगढ़ संबंधी ज्ञान की परख
प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें आगंतुक राज्य के इतिहास, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े सवालों में हिस्सा लेकर अपने ज्ञान का आकलन कर रहे हैं।
क्विज के माध्यम से मनोरंजन के साथ लोगों को छत्तीसगढ़ के बारे में अधिक जानने और अपनी जानकारी परखने का अवसर मिल रहा है। विद्यार्थियों और युवाओं में इस गतिविधि को लेकर विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
तस्वीरों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान को विशेष स्थान दिया गया है।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
विद्यार्थियों ने छायाचित्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को उत्सुकता के साथ देखा। उन्होंने बताया कि पुस्तकों में पढ़े स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंगों को वास्तविक तस्वीरों और ऐतिहासिक सामग्री के माध्यम से देखना अलग और प्रेरणादायी अनुभव है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवगाथा
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
इस खंड के जरिए नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रगीत की भूमिका और देशवासियों में राष्ट्रभावना जागृत करने वाले इसके प्रभाव से परिचित कराया जा रहा है।
स्वतंत्रता की गौरवगाथा से विकास की तस्वीर तक
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ छत्तीसगढ़ की वर्तमान विकास यात्रा को भी प्रमुखता दी गई है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों को तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है।
महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है।
महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण से जुड़ी उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है।
सुशासन और विकास की उपलब्धियों की झलक
प्रदर्शनी में सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा और अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ी उपलब्धियों की झलक भी प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है।
इस तरह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से लेकर वर्तमान छत्तीसगढ़ के विकास तक की यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बताया ज्ञानवर्धक अनुभव
प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इसे सुंदर, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के बारे में बेहतर जानकारी देने में उपयोगी हैं।
विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ छत्तीसगढ़ के वर्तमान विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलने की बात कही। शिक्षकों ने भी इसे विद्यार्थियों में देशभक्ति, इतिहास के प्रति रुचि और अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करने वाला उपयोगी प्रयास बताया।
वृत्तचित्र के माध्यम से दिखाई जा रही विकास यात्रा
प्रदर्शनी परिसर में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
इसके माध्यम से आगंतुकों को राज्य में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव को दृश्य माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है।
21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी का समय प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित है। इसमें स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों का योगदान, राज्य की विकास यात्रा, एआई तकनीक से पर्यटन एवं विरासत का अनुभव और छत्तीसगढ़ से संबंधित क्विज को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
