मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने नक्सल मुक्त बस्तर, किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान मूल्य, 24.50 लाख आवास स्वीकृति, महतारी वंदन योजना, युवाओं के लिए भर्ती और रोजगार, 500 करोड़ रुपए के एआई मिशन, नए मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक निवेश और कनेक्टिविटी सहित सरकार की विभिन्न उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को सामूहिक लक्ष्य बताते हुए प्रदेशवासियों को एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और देश के वीर सपूतों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास, किसानों, महिलाओं, युवाओं, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, सड़क, पर्यटन और सुशासन से जुड़ी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखा।
नक्सल मुक्त बस्तर के बाद विकास पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है और बस्तर के लोग तिरंगा यात्रा के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर का सर्वांगीण विकास सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है।
बस्तर में नक्सल हिंसा के कारण बंद स्कूलों को दोबारा शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना भी बताई गई।
बस्तर में स्वास्थ्य और आजीविका पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के माध्यम से बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। इसके अलावा सुरक्षा कैंपों को सेवा और विकास के केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किए जाने की जानकारी दी।
किसानों के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का दावा
मुख्यमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान का मूल्य दिया जा रहा है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय बताया गया।
प्रदेश में 2028 पैक्स के कंप्यूटरीकरण और इनमें से 1988 पैक्स के कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में काम करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
सिंचाई परियोजनाओं पर 11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाने की योजना भी बताई गई। इन पर करीब 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने और 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया गया।
24.50 लाख घर स्वीकृत, रोज बन रहे 1600 आवास
मुख्यमंत्री ने आवास योजना को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाते हुए कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे और अब तक प्रदेश में 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी।
महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं पीएम जनमन योजना के जरिए 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने और 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ पहुंचाने की जानकारी दी।
युवाओं के लिए भर्ती और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया गया है।
पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती तथा शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई। बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की बात भी कही गई।
अग्निवीरों के लिए भी बड़ा निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
500 करोड़ का छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन
मुख्यमंत्री ने तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी।
इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सत्र से गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं।
इसके अलावा छह शासकीय इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित करने की जानकारी दी गई। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू करने की घोषणा भी की गई।
8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेश आकर्षित करने की जानकारी देते हुए कहा कि देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
इनसे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन और इससे 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना बताई गई।
मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित करने और प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी जानकारी दी गई।
ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उत्पादन, पारेषण और वितरण के स्तर पर दीर्घकालिक रणनीति बनाई जा रही है। एनर्जी समिट में 3.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई।
‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ करने का दावा किया गया।
वहीं 90 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी गई।
सड़क, रेल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश को प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेंगे। रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क से बस्तर की कनेक्टिविटी और विकास को गति मिलने की बात कही।
दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। भारतनेट 3.0 के जरिए 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य बताया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का दावा
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली, सीएम हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का उल्लेख किया। उनके अनुसार सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है, जबकि सेवा सेतु पोर्टल पर 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
प्रदेश की 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
कानून-व्यवस्था और साइबर अपराध पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद अपराधों पर नियंत्रण मजबूत हुआ है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं और डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने की योजना
मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ की जानकारी दी। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना बताई गई।
सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही गई। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ और लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने की जानकारी दी।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
उन्होंने ‘वीबी-जी राम जी योजना’ के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की भी जानकारी दी।
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए एकजुट होने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन के अंत में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को सामूहिक लक्ष्य बताते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोग साथ चलें और मन-विचारों से एक होकर प्रदेश के विकास के लक्ष्य को प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
