रायपुर। राजधानी में पांच साल से फरार चल रहे फर्जी चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश भभूतमल जैन को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने डॉक्टरों, अधिकारियों और कारोबारियों को शेयर बाजार में 10% तक मुनाफे का लालच देकर करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
राकेश खुद को अनुभवी सीए बताकर लोगों का विश्वास जीतता और आधार-पैन कार्ड लेकर उनके नाम पर पांच बैंकों से फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए लोन निकालता था। निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर वह नई-नई रकम जोड़ता गया।
2021 से 2023 के बीच रायपुर के मौदहापारा, कोतवाली, टिकरापारा और सिविल लाइंस थानों में उसके खिलाफ चार FIR दर्ज हुई थीं, जबकि अन्य जिलों में भी 12 से अधिक मामले लंबित हैं।
लुकआउट नोटिस और गैर-जमानती वारंट के बावजूद वह लगातार फरार था। बुधवार को गिरफ्तारी वारंट रद्द कराने वह रायपुर कोर्ट पहुंचा, लेकिन पहले से मौजूद ACB-EOW की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी। ठगी के शिकार डॉक्टर और कारोबारी अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
