रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र के ग्राम सोण्डका में संपत्ति विवाद के चलते अपने नाना की हत्या करने वाले दो सगे नातियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पुलिस के मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चर्चित रायगढ़ नाना हत्या मामले में उम्रकैद 2026 में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। खरसिया क्षेत्र के ग्राम सोण्डका में संपत्ति विवाद के चलते अपने ही नाना की निर्मम हत्या करने वाले दो सगे नातियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत भौतिक साक्ष्यों, जब्त हथियारों और गवाहों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
पुश्तैनी जमीन और मकान को लेकर था विवाद
अभियोजन के अनुसार, ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62) के साथ रहने वाले उनके नाती ओमप्रकाश डनसेना (24) और कार्तिक डनसेना (19) के बीच पुश्तैनी मकान, जमीन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
गैस सिलेंडर से तोड़ा दरवाजा, फिर की हत्या
मामले के अनुसार, 25 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों ने मृतक के भाई के घर में तोड़फोड़ की थी। अगले दिन 26 दिसंबर 2022 को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने अपने नाना पर हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए गेंदलाल डनसेना एक कमरे में जाकर बंद हो गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर की मदद से दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद कुल्हाड़ी, फावड़ा और डंडे से लगातार हमला कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर किया था गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरे आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन घेराबंदी कर पकड़ा गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार और घटना के दौरान पहने गए कपड़े बरामद किए थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत चालान पेश किया गया, जिसके बाद दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
