रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर पुलिस को एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड मामले में अहम सफलता मिली है। साइबर पुलिस थाना टीम ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।
मामले में इंदिरानगर रायगढ़ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आयशा परवीन ने 12 मार्च को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उनके भांजे ने उनकी पहचान अभय यादव और विजय चंद्रा से कराई थी। विजय चंद्रा ने बताया कि एक कंपनी CSR फंड के तहत सामाजिक कार्यों के लिए अनुदान देना चाहती है। इस बहाने आरोपियों ने उनके संस्थान के पंजीयन से जुड़े दस्तावेज ले लिए।
कुछ समय बाद विजय चंद्रा ने अपने साथियों अजय साहू और सचिन चौहान से महिला का संपर्क कराया। आरोपियों ने भरोसे में लेकर महिला से उसके संस्थान के नाम पर एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया। खाता खुलवाने के बाद आरोपी अभय यादव, जो पहले बैंक में काम कर चुका था, ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए MPIN और अन्य लॉगिन प्रक्रिया पूरी कर स्वयं ही 10 रुपये ट्रांसफर कर परीक्षण भी किया।
इसके बाद आरोपियों ने महिला को नौकरी और अनुदान राशि मिलने की बात कहकर गुवाहाटी बुलाया तथा उनके और उनके पति के लिए फ्लाइट टिकट और होटल की व्यवस्था की। होटल में दो अज्ञात व्यक्तियों ने स्वयं को कंपनी का अधिकारी बताकर महिला के मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई और बैंक खाते को रजिस्टर करने के नाम पर मोबाइल व चेकबुक अपने पास रख लिए। लगभग एक सप्ताह तक महिला को वहीं रोककर खाते से कई ट्रांजेक्शन कराए गए और 12 जनवरी 2026 को उन्हें वापस भेज दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम के माध्यम से संचालित साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़े थे। विजय चंद्रा ने गुवाहाटी स्थित गिरोह से संपर्क कर महिला के कॉरपोरेट बैंक खाते की जानकारी साझा की थी। इसके बाद गैंग के सदस्यों ने महिला के खाते के माध्यम से विभिन्न ट्रांजेक्शन किए।
रायगढ़ लौटने के बाद महिला को बैंक से संदिग्ध लेनदेन की सूचना मिली। 14 जनवरी को बैंक ने बताया कि उसके खाते से साइबर फ्रॉड से जुड़े ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। बाद में देश के अलग-अलग राज्यों से ई-मेल प्राप्त हुए, जिनमें खाते में साइबर ठगी से संबंधित रकम जमा होने की जानकारी दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 से ही खाते में संदिग्ध लेनदेन शुरू हो चुके थे।
महिला की शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 03/2026 धारा 318(4) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मितेश सोनी (31) निवासी वसुंधरा नगर भिलाई-3 जिला दुर्ग, विजय चंद्रा (35) निवासी ग्राम कटौत थाना डभरा जिला सक्ती, अजय साहू (35) निवासी ढिमरापुर चौक थाना सिटी कोतवाली रायगढ़, अभय यादव (23) निवासी कौहवाकुंडा पहाड़ मंदिर थाना चक्रधरनगर रायगढ़ तथा सचिन चौहान (24) निवासी कलमीडिपा थाना चक्रधरनगर रायगढ़ शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अभय यादव पहले एक स्थानीय बैंक में कार्य कर चुका है। उसकी पहचान विजय चंद्रा से थी, जबकि विजय चंद्रा की पहचान अजय साहू और मितेश सोनी से हुई थी, जो पहले से साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़े थे। इन्हीं के माध्यम से अभय, विजय, अजय और सचिन को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां से उन्हें कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया।
आरोपी विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इसके बदले उन्हें कुल रकम का 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
पूछताछ में आरोपियों ने 25 से 30 बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में साइबर पुलिस के समन्वय पोर्टल पर पीड़ित महिला के खाते से जुड़े देशभर में 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिनमें करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
