मुंबई । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। सुबह 9.25 बजे तक सेंसेक्स 516 अंक यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर 75,517 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 174 अंक यानी 0.74 प्रतिशत टूटकर 23,464 पर कारोबार कर रहा था।
मुख्य ब्रॉड मार्केट इंडेक्स भी दबाव में रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.84 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी FMCG को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी FMCG में 0.41 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा 1.84 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी और मीडिया भी प्रमुख गिरने वाले सेक्टरों में रहे, जिनमें क्रमशः 1.18 प्रतिशत और 1.17 प्रतिशत की कमजोरी आई।
एनालिस्ट्स के अनुसार निफ्टी के लिए शॉर्ट टर्म रेजिस्टेंस 23,800 के आसपास और सपोर्ट 23,600 के स्तर पर देखा जा रहा है। वहीं बैंक निफ्टी के लिए 55,600 से 55,700 के बीच रेजिस्टेंस और 54,700 के आसपास सपोर्ट माना जा रहा है।
इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की बात कही है और चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जारी रहा तो तेहरान युद्ध के दूसरे मोर्चे भी खोल सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि भूराजनैतिक तनाव से तेल की कीमतों और वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है, लेकिन भारत में फिलहाल ईंधन की कमी का कोई तत्काल खतरा नहीं है।
भारत के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार और 25 दिनों का रिफाइंड फ्यूल स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी है, जिससे देश के पास करीब 50 से 60 दिनों की ऊर्जा आपूर्ति का सुरक्षा कवच उपलब्ध है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। चीन का शंघाई 0.22 प्रतिशत और शेनझेन 0.17 प्रतिशत नीचे रहा। जापान का निक्केई 1.22 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.43 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.58 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजार भी रातभर गिरावट के साथ बंद हुए, जहां नैस्डैक 1.78 प्रतिशत, एसएंडपी 500 1.52 प्रतिशत और डाउ जोन्स 1.56 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
12 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में 7,049 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,449 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदकर बाजार को कुछ सहारा दिया।
