दुर्ग । पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद को आग लगाने वाली महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा उर्फ रानी (37) का इलाज के दौरान निधन हो गया। शबाना ने 23 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंचे अधिकारियों के सामने मिट्टी तेल डालकर आत्मदाह किया था। इस घटना में वह करीब 95% तक झुलस गई थीं और गंभीर हालत में रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती थीं।
घटना 22 जनवरी को पचरीपारा स्थित मकान में हुई, जब पुलिस और कोर्ट स्टाफ कब्जा दिलाने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान शबाना घर के भीतर गईं और कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं।
परिजन और मामा लियाकत अली ने बताया कि शबाना पिछले 40-45 वर्षों से उसी मकान में रह रही थीं। पिछले 4-5 महीनों से घर खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा था। शबाना चाहती थीं कि मकान मालिक घर उन्हें बेच दे, लेकिन लंबे विवाद के बाद कोर्ट ने कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया, जिसके बाद यह दुखद घटना घटी।
