रायपुर। पेरेग्रीन फाल्कन, जिसे ‘आसमान का चीता’ कहा जाता है, अपनी अविश्वसनीय गति और शिकार तकनीक के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह पक्षी शिकार करते समय लगभग 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गोता लगा सकता है। हाल ही में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने इसे कैमरे में कैद किया, जिससे राज्य में इसके लगातार सक्रिय रहने की पुष्टि हुई। इससे पहले इसे आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास भी देखा गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार पेरेग्रीन फाल्कन न केवल अपनी गति के लिए बल्कि जीवनभर एक ही साथी चुनने की वफादारी के लिए भी जाना जाता है। इस दुर्लभ प्रजाति का उदंती-सीतानदी के वनों में देखना दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए अत्यंत अनुकूल है। हाल ही में बारनवापारा अभ्यारण्य में ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन और ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर जैसे दुर्लभ पक्षियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई।
वन मंत्री केदार कश्यप और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम वन्यजीव संरक्षण के लिए सतत प्रयास कर रही है। राज्य में ऐसे रिकॉर्ड और संरक्षण प्रयास न केवल अभिलेखीय महत्व रखते हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
