रायपुर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज ने बुधवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिला। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग और जगदलपुर में सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बंद को व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का भी समर्थन मिला।
हालांकि बंद के दौरान राजधानी रायपुर में कुछ स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पात की घटनाएं सामने आईं। तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल में प्रदर्शनकारियों ने क्रिसमस को लेकर की गई सजावट को तोड़ दिया और मॉल के अंदर भी तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा कटोरा तालाब क्षेत्र में स्थित ब्लिंकिट के गोदाम में भी हंगामा किया गया। बंद के बावजूद ब्लिंकिट सेवा चालू रहने का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने कर्मचारियों से मारपीट की।
इस संबंध में तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि रायपुर बंद के समर्थन में निकले कुछ लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई है। फिलहाल प्रबंधन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट चैंबर ने भी बंद को समर्थन दिया। बंद के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दुकानें, सब्जी मंडियां और परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं। राजधानी के अलावा अन्य शहरों में भी बंद का व्यापक असर देखा गया।
