राजनांदगांव शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने विकास कार्यों की शुरुआत की। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम प्रमुख है। इसके अलावा सड़क, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल, पाइपलाइन, मुक्तिधाम और सामुदायिक भवन सहित कई अधोसंरचना कार्य किए जाएंगे।
रायपुर। राजनांदगांव शहर के विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में 15 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम प्रमुख रूप से शामिल है।

15.92 करोड़ की लागत से बनेगा 2000 सीटर ऑडिटोरियम
राजनांदगांव में बनने वाला 2000 सीटर ऑडिटोरियम शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ऑडिटोरियम में बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ऑडिटोरियम में पार्किंग और कॉरिडोर के साथ करीब एक हजार लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी होगी। इसके निर्माण से राजनांदगांव सहित आसपास के नगरीय क्षेत्रों में बड़े आयोजनों के लिए एक व्यवस्थित केंद्र उपलब्ध होगा।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने बताया कि शहर में वर्तमान में 800 सीटर ऑडिटोरियम उपलब्ध है। अब 15 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से 2000 सीटर ऑडिटोरियम बनने से बड़े कार्यक्रमों के लिए सुविधायुक्त स्थल उपलब्ध होगा।

सड़क, नाली और विद्युतीकरण सहित कई विकास कार्य
भूमिपूजन के तहत राजनांदगांव शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पाइपलाइन विस्तार, मुक्तिधाम उन्नयन और सामुदायिक भवन सहित कई विकास कार्य किए जाएंगे।
15वें वित्त आयोग के अनटाइड ग्रांट से 12 करोड़ 9 लाख 44 हजार रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली और विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे।
वहीं अधोसंरचना मद से 11 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से सड़क, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन और सामुदायिक भवन निर्माण के कार्य शामिल हैं।
चार वार्डों में सड़क, नाली और सामुदायिक भवन
मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की लागत से चार वार्डों में सड़क, नाली और सामुदायिक भवन निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
इसके अलावा 15वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट के पेयजल प्रबंधन घटक से 3 करोड़ 2 लाख 82 हजार रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार का काम किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को 1000 पौधों का वितरण भी किया गया।
राजनांदगांव नगर निगम को दो वर्षों में मिले 267 करोड़ रुपये
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि राजनांदगांव शहर के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। शहर को 43 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में राजनांदगांव नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 267 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने राजनांदगांववासियों से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ की स्वीकृति प्रक्रियाधीन
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राजनांदगांव में प्रस्तावित अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, नंदई चौक सहित अन्य प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।
वहीं रानी सागर और बूढ़ा सागर तालाब के पुनर्विकास के लिए 14 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।
इसके अलावा विभिन्न सड़क और जल अधोसंरचना कार्यों के लिए भी जल्द स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई।
सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के लिए करोड़ों के प्रस्ताव
श्री अरूण साव के अनुसार, जीई रोड से लखोली कबाड़ी दुकान तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 6 करोड़ 85 लाख रुपये, आरके नगर चौक से डोंगरगांव रोड तक सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 90 लाख रुपये और बायपास कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 5 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही मोहारा जल संयंत्र की री-मरम्मत के लिए 4 करोड़ रुपये तथा ढाबा, गौरीनगर और गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए 12 करोड़ 61 लाख रुपये की स्वीकृति शीघ्र दिए जाने की जानकारी दी गई।
पेयजल व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 10 एमएलडी जल शोधन संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम के पीछे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए शेड और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।
स्वच्छता में देश में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि विकास के साथ स्वच्छता भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा कचरा नालियों और सड़कों पर नहीं डालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नागरिक और नगर निगम मिलकर प्रयास करें तो राजनांदगांव को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान दिलाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रेलवे और अन्य विकास परियोजनाओं की भी जानकारी
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने बताया कि राजनांदगांव शहर के विकास के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपये के कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में नालंदा परिसर सहित अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है और चौथी रेल लाइन भी चालू हो गई है। राजनांदगांव और डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉडल एवं अमृत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गौरीनगर और स्टेशन पारा के अंडरब्रिज का निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि मोतीपुर अंडरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। इसके अलावा डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन की स्वीकृति दी गई है, जिसका जंक्शन डोंगरगढ़ होगा।
सभी 51 वार्डों के संतुलित विकास पर जोर
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने बताया कि शहर के सभी 51 वार्डों के संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है।
इनमें 15वें वित्त आयोग से सड़क, नाली और अन्य कार्य, मुख्यमंत्री घोषणा के तहत वाटर सप्लाई तथा अधोसंरचना विकास के कार्य शामिल हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे।
