रायपुर। जिला शिक्षा कार्यालय में लगी आग के मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार संभागीय संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में बजरंग प्रजापति, सहायक संचालक, और सतीश नायर, सहायक संचालक (लोक शिक्षण संचालनालय) को सदस्य नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिस हिस्से में आग लगी, वह कार्यालय का रिकार्ड रूम बताया जा रहा है। यहां स्कूलों की मान्यता, मध्यान्ह भोजन योजना, अनुकंपा नियुक्ति, शिकायत प्रकरण और शिक्षकों के सेवा अभिलेख रखे हुए थे। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब एक घंटे में बड़ी संख्या में दस्तावेज जलकर खाक हो गए। हालांकि कुछ सेवा रिकॉर्ड सुरक्षित बचने की बात कही जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सड़क किनारे स्थित कार्यालय परिसर में लोगों की आवाजाही रहती है। आग की लपटें दिखते ही शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
छज्जा गिरने से बढ़ी मुश्किलें
आग लगते ही पुरानी इमारत का टीन का छज्जा भरभराकर गिर गया। छज्जे में लगी बड़ी-बड़ी कीलों के कारण फायर ब्रिगेड को अंदर घुसने में परेशानी हुई। अंदर घना धुआं और अंधेरा होने से राहत कार्य में काफी समय लगा।
आग बुझाने नई बिल्डिंग की दीवार तोड़नी पड़ी
रिकॉर्ड रूम में कागज के दस्तावेज अधिक होने से आग ने कुछ ही देर में पूरी इमारत को चपेट में ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को पास की नई इमारत की बाउंड्री तोड़कर पाइपलाइन बिछानी पड़ी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
10 हजार से अधिक शिक्षकों के सेवा अभिलेख नष्ट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग में जिले के 10 हजार से अधिक सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं जल गई हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पेंशन, वेतन, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ तय होते हैं। इन्हें दोबारा तैयार करने में एक वर्ष से अधिक समय लग सकता है, जिससे शिक्षकों को वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विभाग का दावा है कि सेवा पुस्तिकाओं से जुड़े कुछ रिकॉर्ड सुरक्षित हैं।
इसके अलावा जिले के निजी स्कूलों की मान्यता से जुड़े कागजात भी आग की चपेट में आ गए हैं। प्रदेश में 952 निजी स्कूल हैं, जो हर वर्ष मान्यता नवीनीकरण के लिए दस्तावेज जमा करते हैं। निजी स्कूलों के पास इनकी मूल प्रतियां सुरक्षित होने से प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकेगी, लेकिन विभाग को रिकॉर्ड पुनः तैयार करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ेगी।
मिड डे मील और आत्मानंद योजना के दस्तावेज भी जले
जिस हिस्से में आग लगी, वहां भंडार कक्ष भी था। यहां मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े भुगतान, लाभार्थी छात्रों की संख्या और बकाया राशि के दस्तावेज रखे थे, जो जल गए। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में हुई संविदा नियुक्तियों और वार्षिक बजट, भवन निर्माण से संबंधित कागजात भी आग में नष्ट हुए हैं।
पुरानी इमारत बनी नुकसान की वजह
जिला शिक्षा कार्यालय के कुछ हिस्से 50 साल से भी अधिक पुराने हैं। कई कमरों की छत अब भी कच्ची और खपरैल की थी, जो आग लगते ही गिर गई। पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण नहीं होने के कारण बैकअप तलाशना अब विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है और नुकसान का आकलन रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि मान्यता से जुड़े दस्तावेजों की मूल प्रतियां स्कूलों के पास होती हैं, लेकिन एफडी जैसे कुछ कागजात दोबारा प्राप्त करना कठिन हो सकता है।

