भिलाईनगर। निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के समोदा गांव स्थित फार्महाउस में अफीम की खेती के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर उगाए गए लगभग 8 करोड़ रुपये कीमत के अफीम के पौधों की जब्ती के बाद ग्रामीण अब अलग-अलग तरह के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
गांव की महिलाओं का कहना है कि विनायक ताम्रकर का गांव में इतना दबदबा था कि किसी की मौत होने पर भी शव को श्मशान ले जाने से पहले उनकी अनुमति लेनी पड़ती थी। उनके बिना अनुमति अंतिम संस्कार तक नहीं किया जाता था। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के सरकारी शौचालय पर भी उनका कब्जा था और बिना उनकी मर्जी के कोई वहां नहीं जा सकता था।
ग्रामीणों के अनुसार ताम्रकर पिछले करीब पांच वर्षों से अफीम की खेती कर रहे थे, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब गांव के बच्चों को एक अजीब पौधा मिला और गूगल पर खोजने पर पता चला कि वह अफीम का पौधा है। इसके बाद गांव में चर्चा शुरू हुई और 6 मार्च को मामला उजागर हो गया। बताया जा रहा है कि फार्महाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना लगभग असंभव था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और करीब 8 करोड़ रुपये कीमत के अफीम के पौधे जब्त किए हैं। घटना के बाद गांव में विरोध का माहौल है और महिलाएं समूह बनाकर ताम्रकर के खिलाफ नारेबाजी कर रही हैं।
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अफीम के पौधों की सिंचाई के लिए शिवनाथ नदी से मोटर पंप के जरिए पानी चोरी किए जाने के प्रमाण मिले हैं। मौके पर पाइपलाइन खेत तक बिछी पाई गई, जबकि इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। फिलहाल मामले में पुलिस और संबंधित विभाग आगे की जांच में जुटे हुए हैं।
